नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है। उन्होंने टोक्यो खेलों में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। यही नहीं ओलिंपिक इतिहास में एथलेटिक्स में उन्होंने भारत को पहला पदक दिलाया है। फाइनल भारतीय खिलाड़ी मे शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरे राउंड में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका। इससे पहले उन्होंने क्वालीफिकेशन में अपने पहले प्रयास में 86.59 मीटर भाला फेंककर फाइनल में जगह बनाई थी। नीरज ने ओलिंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को 13 साल बाद दूसरा गोल्ड दिलाया है। इससे पहले 2008 में बीजिंग ओलिंपिक में पहली बार दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा किया था। ऐसे में आइए जानते हैं उनके बार में:

बचपन में जेवलिन थ्रो नहीं वॉलीबाल और कबड्डी पसंद था

स्टार एथलीट और जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का जन्म हरियाणा के पानीपत जिले के खंद्रा गांव में 24 दिसंबर, 1997 को हुआ था। इस खिलाड़ी को बचपन में जेवलिन थ्रो नहीं वॉलीबाल और कबड्डी पसंद था। लेकिन 14 साल की उम्र में जेवेलिन थ्रो से उनका ऐसा लगाव हुआ कि आज भारत को उन्होंने एथलेटिक्स में ओलिंपिक में गोल्ड दिलाया है।

पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन से तुलना

नीरज ने काफी कम उम्र में जेवलिन थ्रोअर के तौर पर अपनी चमक बिखेर दी थी। वे कई प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। वह भारतीय सेना में नायब सूबेदार भी हैं। दिलचस्प बात ये है कि उनकी तुलना ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन से होती है। नीरज के पूर्व कोच गैरी कालवर्ट उनकी तुलना बाएं हाथ के इस गेंदबाज से करते थे। क्रिकेट में आने से पहले जॉनसन जेवलिन थ्रोअर बनना चाहते थे।

नीरज चोपड़ा की उपलब्धियां

- 2012 में लखनऊ में अंडर 16 नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में 68.46 मीटर भाला फेंक कर बनाया रिकॉर्ड ।

-2016 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंकने का कीर्तिमान।

-2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर भाला फेंक कर गोल्ड अपने नाम किया।

-2017 में जकार्ता एशियन गेम्स में 88.06 मीटर भाला फेंक कर गोल्ड अपने नाम किया।

गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने के बाद नीरज चोपड़ा को 2018 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Edited By: Tanisk