मेरठ। ब्रेन हैमरेज से इंटरनेशनल शूटर सर्वेश यादव की मौत हो गई। शनिवार सुबह शूटर ने पीजीआइ चंड़ीगढ़ के अस्पताल में दम तोड़ दिया। शाम को उनका शव घर पहुंचा, जिसके बाद गढ़ में ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

भावनपुर थाना क्षेत्र की गंगासागर कालोनी के एफ-117 में सर्वेश यादव (45) पत्नी गीतांजलि व इकलौते बेटे व्योम के साथ रहते थे। वह मैनपुरी के गडिया गोटारा गांव के मूल निवासी थे। वह बीते दो वर्ष से लीवर की दिक्कत से जूझ रहे थे। परिजनों के मुताबिक, रविवार को सर्वेश यादव ब्रेन हैमरेज के शिकार हो गए। उन्हें चंड़ीगढ़ पीजीआइ में भर्ती कराया गया जहां शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। शाम को यहां शव लाया गया, जिसके बाद गढ़ में ब्रजघाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

 

वेट लिफ्टिंग कोच नरेन्द्र शर्मा समेत सैकड़ों लोग उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। सर्वेश के भाई भूपेन्द्र यादव ने बताया कि उन्होंने 1997 में बैंकाक में खेलकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने अपने कैरियर में 7 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। गंगानगर में पहली बार उन्होंने प्रदेश की 20 मशीनों वाली शूटिंग रेंज बनाई। नेहा शर्मा समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज उनके प्रशिक्षु रहे हैं। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया।

 

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By Sanjay Savern