मुंबई, मिड-डे। हाल ही में महाराष्ट्र के पहलवान उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुई राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने गए थे। चैंपियनशिप के खत्म होने के बाद उन्हें ट्रेन की बोगी के टॉयलेट के पास बैठकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने आए ये खिलाड़ी वहां से एक स्वर्ण सहित कुल पांच पदक जीतकर लौटे।

जब सभी पहलवान ट्रेन पकड़ने के लिए अयोध्या (फैजाबाद) स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि उनकी टिकटें कंफर्म नहीं हुई हैं। इसके बाद खिलाड़ियों ने टीसी मदद की मांग की, लेकिन उसने इन खिलाड़ियों की कोई मदद तो नहीं की और खूब खरी-खोटी सुनाई। आखिर में इन खिलाड़ियों को सामान्य डिब्बे के टॉयलेट के पास ही बैठने को मजबूर होना पड़ा। इ

स दल में महिला पहलवान भी थीं, जिन्हें टिकट कंफर्म नहीं होने से यात्रा के दौरान और भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्वर्ण विजेता सिकंदर शेख, कांस्य विजेता सूरज और कोमल जैसे पहलवानों को साकेत एक्सप्रेस में करीब 36 घंटे की यात्रा ऐसे ही करनी पड़ी। गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण विजेता और रेलवे के लिए खेलने गए राहुल अवारे का रिजर्वेशन था। उन्होंने अपने कुछ साथी खिलाड़ियों के साथ मिलकर परेशान पहलवानों की मदद की।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Pradeep Sehgal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस