एशियन गेम्स में दिखाया दम अब ओलंपिक में लहराएंगे परचम, पहलवानों ने कहा- हमारा राष्ट्रगान लॉस एंजिलिस में बजेगा
एशियाई खेलों में भारतीय पहलवानों ने 2 स्वर्ण सहित 6 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। अब उनकी निगाहें 2028 लॉस ...और पढ़ें

पहलवानों ने दिखाया दम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पीटीआई, नई दिल्ली: एशियाई खेलों से पहले चोटों से लेकर फॉर्म में गिरावट जैसी कई समस्याओं से जूझने वाले भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदकों सहित छह पदक जीते और अब उनकी निगाह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक में इसी तरह का प्रदर्शन करने पर टिकी हैं।
एशियाई खेलों में अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक, जबकि नितेश सिवाच और अंतिम पंघाल ने रजत पदक तथा दीपक पूनिया और सुनील कुमार ने कांस्य पदक जीते।
नहीं मानी हार
23 वर्षीय अमन सहरावत ने सोमवार को स्वदेश लौटने पर कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव और चोटें लगती रहती हैं, लेकिन मुझे खुद पर पूरा विश्वास था। हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए और मैंने भी यही किया। मेरा अगला लक्ष्य ओलंपिक है। अब हमारा राष्ट्रगान लास एंजिलिस ओलंपिक में बजाया जाएगा।
भारत के फ्रीस्टाइल में दूसरे स्वर्ण पदक विजेता सुजीत ने कहा कि यह मौका उम्मीदों पर खरा उतरने से जुड़ा था। पुरुषों के 97 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में रजत पदक जीतने वाले नितेश सिवाच ने भी कहा मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखेंगे और उम्मीद है कि ओलंपिक से भी पदक लेकर लौटेंगे।
खेल मंत्री ने किया स्वागत
स्वदेश लौटे पहलवान दीपक पूनिया, अंतिम पंघाल का भी नई दिल्ली एयरपोर्ट पर हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम, परिजनों ने स्वागत किया।
