ब्यूनस आयर्स। खिताब के प्रबल दावेदार भारत के लक्ष्य सेन ने एक गेम में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जापान के कोडाई नारोका को हराकर बैडमिंटन स्पर्धा के पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। इसी के साथ लक्ष्य का कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है।

एशियाई जूनियर चैंपियन सेन हालांकि अपना पहला मैच 14-21 से गंवा बैठे, लेकिन इसके बाद लगातार दो गेम अपने नाम करते हुए सेमीफाइनल को अपनी झोली में डालने में सफलता हासिल की। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मैच में बराबरी हासिल की। निर्णायक गेम में कांटे की टक्कर हुई। दोनों में से कोई भी खिलाड़ी कम नजर नहीं आ रहा था। आखिरकार 36 मिनट तक चले इस संघर्ष को सेन ने 24-22 से अपने नाम किया।

अब फाइनल में लक्ष्य सेन का सामना चीन के ली शिफेंग से होगा। यदि सेन फाइनल मैच जीतने में सफल होते हैं तो वह यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। प्रणय कुमार ने सिंगापुर में 2010 में हुए पहले यूथ ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीता था। 

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Posted By: Sanjay Savern

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