नई दिल्ली, एपी। कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया भर में कहर बरपाया हुआ है। कोरोना की वजह से खेलों पर भी बुरा असर पड़ा है। तमाम देशों में खेलों को 6-6 महीनों के लिए स्थगित या फिर रद करना पड़ा है। इसी बीच कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि जब तक कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन की खोज नहीं हो जाती तब तक खेलों का आयोजन शुरू नहीं होना चाहिए, क्योंकि जान है तो जहान है।

इसी कड़ी में भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी बी साई प्रणीत का मानना है कि खेलों की बहाली तभी हो जब कोरोना वायरस का वैक्सीन बन जाए और इसे विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी से मंजूरी मिल जाए। साई प्रणीत ने कहा है, "कोरोना वायरस की वैक्सीन से मुझे परहेज नहीं है, लेकिन इसका खिलाड़ियों पर प्रतिकूल असर नहीं होना चाहिए यानी इसमें कोई प्रतिबंधित दवा नहीं होनी चाहिए, जिससे कि परेशानी हो।"

हाल ही में सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक ने वैक्सीन के इस्तेमाल का विरोध किया था। ऐसे में कह सकते हैं कि कुछ खिलाड़ी इसके विरोध में हैं, जबकि कुछ खिलाड़ी इसके पक्षधर हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी देश पर कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं बन पाई है। ऐसे में जल्दबाजी में खेलों की शुरुआत करना सही नहीं होगा और खासकर दर्शकों के साथ किसी भी खेल की शुरुआत नहीं होनी चाहिए।

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दुनिया भर में 32 लाख से ज्यादा हो गई है, जबकि 2 लाख 32 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, साढ़े 9 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं, लेकिन अभी भी तमाम बड़े देशों में कोरोना वायरस से हर दिन सैकड़ों हजारों लोगों की जान जा रही है। खुद भारत में कोरोना वायरस से एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

Posted By: Vikash Gaur

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