नई दिल्ली, निखिल शर्मा। जकार्ता एशियन गेम्स में नहीं चुने जाने के भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआइ) के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाने वाली 1500 मीटर की महिला धावक मोनिका चौधरी डोपिंग में फंस गईं हैं। चौकाने वाली बात यह है कि मोनिका ने यह बात एएफआइ और उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ से छुपाए रखी और भुवनेश्वर में चल रही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेलने पहुंच गईं। बुधवार को मोनिका को इस चैंपियनशिप में भाग लेने से रोक दिया गया।

हाईकोर्ट पहुंची थीं मोनिका

दरअसल, मोनिका एशियन गेम्स के कोचिंग कैंप का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन एएफआइ के नए नियम के मुताबिक जून में गुवाहाटी में आयोजित हुई 58वीं इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने जरूरी क्वालीफाई समय 4:12:44 का समय निकाला। इसके बाद उन्हें एक और ट्रायल देने की जरूरत थी। 15 अगस्त को भूटान में हुए पुष्टि ट्रायल में वह 4:41:06 का समय निकाल सकीं और क्वालीफिकेशन से चूक गईं, जबकि एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाइंग टाइमिंग 4:16:88 थी।

इंटर स्टेट में जरूरी क्वालीफाई समय निकालने की बात कहकर मोनिका एएफआइ के खिलाफ खड़ी हो गईं थीं। ऐसे में एशियन गेम्स के लिए एथलेटिक्स टीम में नहीं चुने जाने पर उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने तुरंत याचिका पर फैसला करते हुए एएफआइ को 22 अगस्त को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में मोनिका का स्पेशल ट्रायल कराने का आदेश दिया था। वह तब इस ट्रायल में भी क्वालीफाई करने से चूक गईं थीं।

सूत्रों की मानें तो तब वह बीमार थी, लेकिन बीमार होने के बावजूद उन्होंने ट्रायल दिया, जबकि उनके पास किसी और दिन ट्रायल देने का भी मौका था। यहीं पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संस्था (नाडा) ने उनका सैंपल लिया था।

नाडा ने भेजा पत्र

नाडा ने 10 सितंबर को मोनिका को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का दोषी पाते हुए उनके ए सैंपल की रिपोर्ट पॉजीटिव पाए जाने की जानकारी दी थी। पत्र के अनुसार नाडा ने उन्हें सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा था। अगर वह सात दिन में जवाब दे देतीं तो उनका बी सैंपल खोला जाता। यह पत्र 10 सितंबर को भेजा गया था। इसके बाद मोनिका को बुधवार को भुवनेश्वर में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग नहीं लेने दिया गया। सूत्रों की मानें तो मोनिका ने अपना जवाब नाडा को नहीं भेजा है, इसीलिए उन्हें चैंपियनशिप में भाग लेने से रोक दिया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम से उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ भी सकते में है। भुवनेश्वर में मौजूद संघ के सचिव पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मोनिका से मेरी यहां मुलाकात हुई थी, लेकिन उन्होंने हमसे भी डोप की पुष्टि को छुपाए रखा। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए बेहद ही है।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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