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योगेश शर्मा, नई दिल्ली। विश्व कुश्ती की शीर्ष इकाई (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने रविवार को भारत को झटका देते हुए इस साल जुलाई में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप की मेजबानी छीन ली। पुलवामा आतंकी हमले के बाद से भारत के पाकिस्तान के साथ संबंधों में तनाव आ गया था जिसके बाद दिल्ली में हुए निशानेबाजी विश्व कप में पाकिस्तान के तीन सदस्यीय निशानेबाजी दल को वीजा नहीं दिया गया था।

भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी को तैयार था जब मूल मेजबान लेबनान ने मेजबानी से इन्कार कर दिया था। डब्ल्यूएफआइ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने दैनिक जागरण को बताया कि हमने इस चैंपियनशिप के लिए बोली नहीं लगाई थी। मुझसे पूछा गया था कि लेबनान के हट जाने के बाद क्या भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर सकता है तो मैंने कहा था कि हम इसके लिए तैयार हैं। वीजा के बारे में आम चुनाव के बाद ही चर्चा हो पाएगी क्योंकि सभी चुनावों में व्यस्त हैं।

हालांकि, डब्ल्यूएफआइ ने सरकार से वीजा की गारंटी मांगकर चैंपियनशिप को कराने का प्रयास किया था, लेकिन इससे पहले कि खेल मंत्रालय कोई जवाब दे पाता, यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने इस चैंपियनशिप को स्थानांतरित करते हुए थाइलैंड को मेजबानी दे दी।

डब्ल्यूएफआइ से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा है कि जूनियर एशियन चैंपियनशिप अब भारत में नहीं होगी। भारत वीजा गारंटी नहीं उपलब्ध करा पाया और इस चैंपियनशिप के आयोजन में ज्यादा समय नहीं बचा है। इसकी मेजबानी थाइलैंड को दे रहे हैं। हमने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की दावेदारी नहीं की थी। सरकार को इस बारे में कुछ करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगामी टूर्नामेंटों में भी हमें परेशानी होगी।

इससे पहले दैनिक जागरण बता चुका था कि यूडब्ल्यूडब्ल्यू अपने मान्यता प्राप्त महासंघों से बोल चुका है कि वह डब्ल्यूएफआइ से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखे। वहीं, पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा नहीं देने के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) ने भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) को चेतावनी दी थी कि वह इससे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी गंवा देगा। जिसकी कीमत उसे यह चैंपियनशिप की मेजबानी गंवाने से चुकानी पड़ी।

बजरंग टीम में शामिल, धनखड़ की वापसी

एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता स्टार पहलवान बजरंग पूनिया अपने ट्रायल में जीतकर अगले महीने चीन में होने वाली एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारत चैम्पियनशिप में भारत की चुनौती की अगुआई करेंगे जबकि अमित धनखड़ (74 किग्रा) ने टीम में वापसी की है।

डब्ल्यूएफआइ ने इस चैंपियनशिप के लिए रविवार को यहां पुरुषों के लिए फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन का चयन ट्रायल किया था। बजरंग ने 65 किग्रा में हाल ही में बुल्गारिया में यूडब्ल्यूडब्ल्यू डैन कोलोव निकोला पेत्रोव टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, इससे पहले इस चैंपियनशिप के लिए महिलाओं का चयन ट्रायल शनिवार को लखनऊ में हुआ था।

यह चैंपियनशिप 23 से 27 अप्रैल तक होगी। फ्री स्टाइल व ग्रीको रोमन से 20 पहलवानों को चयनित किया गया। भारतीय फ्री स्टाइल पुरुष टीम के कोच जगमेंद्र ने बताया कि 10 पहलवानों का चयन फ्री स्टाइल टीम के लिए किया गया। इसी तरह ग्रीको रोमन कुश्ती चैंपियनशिप की चयन प्रक्रिया में भी 20 पहलवानों ने भाग लिया जिसमें 10 पहलवानों चयनित हुए।

फ्री स्टाइल टीम: रवि कुमार (57 किग्रा), राहुल अवारे (61 किग्रा), बजरंग पूनिया (65 किग्रा), रजनीश (70 किग्रा), अमित धनकड़ (74 किग्रा), प्रवीण राणा (79 किग्रा) , दीपक पूनिया (86 किग्रा), विकी (92 किग्रा), सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) और सुमित (125 किग्रा)।

ग्रीको रोमन: मनजीत (55 किग्रा), ज्ञानेंदर (60 किग्रा), विक्रम कुमार (63 किग्रा), रविंदर (67 किग्रा), योगेश (72 किग्रा), गुरप्रीत सिंह (77 किग्रा), हरप्रीत सिंह (82 किग्रा), सुनील कुमार (87 किग्रा), हरदीप सिंह (97 किग्रा), प्रेम कुमार (130 किग्रा)।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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