विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए स्वर्णिम अध्याय, 10000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने गुलवीर सिंह

Published: Wed, 29 Jul 2026 08:46 AM (IST)

भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस स्टार गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।

लॉन्ग-डिस्टेंस स्टार गुलवीर सिंह

लॉन्ग-डिस्टेंस स्टार गुलवीर सिंह

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस स्टार गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ के आखिर में उन्‍होंने शानदार तेजी दिखाते हुए सिल्वर मेडल जीता। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय बन गए है।

दूसरे स्‍थान पर रहे

भारत के सबसे बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर माने जाने वाले 27 साल के इस एथलीट ने अपने करियर के सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक करते हुए 27:49.78 का समय निकाला और ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन के बाद दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, आइल ऑफ मैन के डेविड मुल्लार्की को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। लॉन्ग-डिस्टेंस रनिंग में दबदबा रखने वाले केन्या और युगांडा जैसे देश पोडियम तक भी नहीं पहुंच पाए।

आखिरी लैप में जोरदार तेजी दिखाई

पूरी रेस के दौरान लीडिंग ग्रुप के साथ बने रहने के बाद एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ने अपनी चुनौती को बिल्कुल सही समय पर अंजाम दिया। ग्लासगो के स्कॉट्सटौन स्टेडियम में भारी बारिश और गीले ट्रैक जैसी मुश्किल परिस्थितियों में दौड़ते हुए भारतीय एथलीट ने आखिरी लैप में जोरदार तेजी दिखाई और दूसरे स्थान पर पहुंच गए। उन्होंने पीछे से आ रहे दूसरे धावकों को पीछे छोड़ा और भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस इवेंट में भारत पहले कभी पोडियम तक नहीं पहुंच पाया था।

छठे दिन का यह दूसरा मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत के लिए यह दूसरा मेडल था। हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69kg वेटलिफ्टिंग में दूसरा स्थान हासिल किया, जिससे भारत के कुल मेडलों की संख्या 12 हो गई। प्रीति पवार, प्रिया घांघस और जादुमानी सिंह के अपने-अपने वेट कैटेगरी में सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के लिए तीन बॉक्सिंग मेडल भी पक्के हो गए हैं।

सेना के जवान ने किया कमाल

यह ऐतिहासिक सिल्वर मेडल उत्तर प्रदेश के सिरसा गांव की सड़कों से कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम तक गुलवीर के शानदार सफर का एक और अहम पड़ाव था। भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में नायब सूबेदार के तौर पर तैनात गुलवीर 2018 में सेना में शामिल हुए थे और बाद में भारत के बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर बनकर उभरे।

गुलवीर सिंह की उपलब्धियां

एशियन चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में मेडल जीतने के बाद उन्होंने 2025 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर खुद को एशिया का सबसे बेहतरीन एथलीट साबित किया।

कई रिकॉर्ड तोड़ने वाले गुलवीर के नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। साथ ही वे चार मिनट से कम समय में एक मील और 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय बने। इससे देश के अब तक के सबसे महान लॉन्ग-डिस्टेंस रनर्स में उनकी जगह पक्की हो गई।

यह भी पढ़ें- CWG 2026: सर्वेश कुमार ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक मेडल, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय

यह भी पढ़ें- CWG 2026: पिता से आगे निकल गया बेटा, ग्लास्गो में बदला मेडल का रंग; 16 साल बाद मना ऐतिहासिक जश्न