नई दिल्ली, जेएनएन। दिव्या काकरान की अगुआई में गुरुवार को एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने अपने-अपने वर्गों में तीन स्वर्ण जीते। दिव्या के अलावा सरिता मोर और पिंकी ने भी स्वर्ण अपने नाम किया, जबकि निर्मला देवी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारत के लिए गुरुवार का दिन यादगार रहा, जब पांच में से चार महिला पहलवान फाइनल में पहुंची थीं, जिसमें दिव्या (68 किग्रा), पिंकी (55 किग्रा), सरिता (59 किग्रा) और निर्मला (50 किग्रा) को पोडियम पर खड़े होने का मौका मिला। किरन (76 किग्रा) ही एकमात्र ऐसी पहलवान रहीं, जो पदक की दौड़ में नहीं आ पाईं। भारतीय महिला पहलवानों का इस चैंपियनशिप में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले नवजोत कौर इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं, जिन्होंने 2018 में किर्गिस्तान के बिशकेक में 65 किग्रा का खिताब जीता था।

दिव्या ने अपने सारे मुकाबले प्रतिद्वंद्वियों को चित्त करके जीते, जिसमें जापान की जूनियर विश्व चैंपियन नरूहा मातसुयुकी को हराना भी शामिल रहा। दिव्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पहलवानों के 68 किग्रा में अपने सभी चार मुकाबले जीते जो राउंड रॉबिन प्रारूप में खेले गए। चीन के पहलवानों की अनुपस्थिति में और जापान के अपने सर्वश्रेष्ठ पहलवानों को नहीं भेजने से चुनौती थोड़ी कमजोर पड़ गई थी।

एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता दिव्या ने पहले कजाखिस्तान की एलबिना कैरजेलिनोवा को पस्त किया और फिर मंगोलिया की डेलगेरमा एंखसाइखान को पराजित किया। मंगोलियाई पहलवान के खिलाफ उनका डिफेंस कुछ कमजोर दिखा, लेकिन वह अपनी प्रतिद्वंद्वी को हराने में सफल रहीं। तीसरे दौर में दिव्या का सामना उज्बेकिस्तान की एजोडा एसबर्जेनोवा से था और उन्होंने 4-0 की बढ़त बनाने के बाद अपनी प्रतिद्वंद्वी को महज 27 सेकेंड में मात दी। जापान की जूनियर विश्व चैंपियन के खिलाफ दिव्या ने 4-0 की बढ़त हासिल कर ली। जापानी पहलवान ने दूसरे राउंड में मजबूत शुरुआत की और भारतीय पहलवान के बायें पैर पर हमला किया, लेकिन उन्होंने अंक दायें पैर पर आक्रमण से जुटाए, जिससे स्कोर 4-4 हो गया। दिव्या ने हालांकि फिर प्रतिद्वंद्वी को चित्त कर दिया।

सरिता 2017 में 58 किग्रा में रजत पदक जीतने के बाद अपनी पहली एशियाई प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। उन्होंने कजाखिस्तान की मदीना बाकबेरजेनोवा और किर्गिस्तान की नाजिरा मार्सबेकिजी के खिलाफ अपने पहले दो मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हासिल किए। इसके बाद उन्होंने जापान की युमी कोन पर 10-3 से जीत हासिल की।

Posted By: Sanjay Savern

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