नई दिल्ली, जेएनएन। खेल की दुनिया में भी बेटियों ने भारत का नाम गौरवान्वित किया है। क्रिकेट की हो या बैडमिंटन, बॉक्सिंग, टेनिस, या पहलवानी, किसी खेल में देश की बेटियां पीछे नहीं हैं। देश हो या विदेश हर जगह हर स्तर पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। आइए आज  Daughter's Day 2020 पर याद करते हैं खेल जगत की कुछ बेटियों को, जिन्होंने खेल की दुनिया में इतिहास रचकर हमारा गौरव बढ़ाया है।

 

पीटी उषा

मशहूर दिग्गज एथलीट पीटी उषा उड़न परी के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने जकार्ता एशियाई खेलों में छह मेडल जीतकर सनसनी मचा दी थी। इस दौरान उनके हाथ पांच गोल्ड और एक ब्रांज लगा। 1985 जकार्ता एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने चार गोल्ड और एक सिल्वर हासिल किए थे। इस अपलब्धी की बराबरी कोई नहीं कर सका। 

मैरीकॉम 

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में मैरीकॉम  एकमात्र मुक्केबाज हैं, जिन्होंने आठ पदक (6 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज) जीती है। महिला हो या पुरुष यह करनामा उनके कोई और नहीं कर सका है। इसके अलावा वह एकमात्र महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में छह स्वर्ण जीता है। उन्होंने 2014 एशियाड में स्वर्ण जीती और ऐसा करने वालीं पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी। इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।

साक्षी मलिक

महिला पहलवान साक्षी मलिक ने 2016 रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीता था 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने सिल्वर हासिल किया था। साल 2016 में उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड मिला। 

सानिया मिर्जा

डबल्स में पूर्व विश्व नंबर 1 खिलाड़ी और  सबसे सफल भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने टेनिस में छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है। उन्होंने कुल 14 पदक भी जीते हैं। इसमें एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एफ्रो-एशियाई खेलों में छह स्वर्ण शामिल हैं। 

साइना नेहवाल

पूर्व विश्व नंबर 1 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर यह मुकाम हासिल किया।  उन्होंने ओलंपिक में तीन बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 24 अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते हैं, जिसमें सात सुपरसीरीज खिताब शामिल हैं। उन्होंने तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण (2018 और 2010 में एकल और 2018 में मिकस्ड) जीता। इसके अलावा एशियाई खेलों में दो ब्रॉन्ज भी उनके नाम है।

पीवी संधू

पूर्व विश्व नंबर 2 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक में सिल्वर हासिल कर भार का नाम रौशन किया था। स्विट्जरलैंड में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और 2018 एशियाई खेलों में एक-एक सिल्वर पदक भी जीता है।

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