विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CWG 2026: बिंदियारानी देवी ने बढ़ाया देश का मान, ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता ब्रॉन्ज

Published: Mon, 27 Jul 2026 11:01 PM (IST)

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में ज्ञानेश्वरी देवी ने 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता, वहीं बिंदियारानी देवी ने 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया।

बिंदियारानी देवी

बिंदियारानी देवी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

पीटीआई, ग्लास्गो। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। मीराबाई चानू की गोल्डन हैट्रिक, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी के रजत पदक जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी देवी ने महिलाओं की 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया तो महिलाओं की 58 किलोग्राम वर्ग में मणिपुर की बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक जीतकर भारत को में छठा पदक दिलाया।

छत्तीसगढ़ के भोंडिया गांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडह ने 206 किलोग्राम (93 किग्रा + 113 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इस दौरान उन्होंने कुल वजन और क्लीन एंड जर्क, दोनों में राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड भी बना दिए।

बिंदियारानी देवी ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

बिंदियारानी देवी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वजन उठाकर कुल 199 किग्रा भार के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक नाइजीरिया की राफियातु लावल ने जीता। लावन ने कुल 229 किग्रा (103+126) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं कनाडा की सोफी एन ने 215 किग्रा के साथ रजत पदक जीता। सोफी ने स्नैच में 94 और क्लीन एंड जर्क में 121 किग्रा वजन उठाया।

ज्ञानेश्वरी का शानदार प्रदर्शन

ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। उनकी तकनीक और आत्मविश्वास ने उन्हें शुरुआत से ही स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रखा लेकिन असली रोमांच क्लीन एंड जर्क में देखने को मिला। ज्ञानेश्वरी ने पहले 107 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया।

इसके कुछ ही क्षण बाद डिडिह ने 110 किलोग्राम वजन उठाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। भारतीय समर्थकों के उत्साहवर्धन के बीच ज्ञानेश्वरी ने शानदार वापसी करते हुए 111 किलोग्राम वजन उठाया और एक बार फिर खेलों का नया रिकॉर्ड बना दिया।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ की बेटी ने कॉमनवेल्थ में जीता सिल्वर मेडल, अस्पताल में भर्ती भाई से किया था पदक जीतने का वादा

यह भी पढ़ें- CWG 2026: 'सिल्‍वर गर्ल' ज्ञानेश्‍वरी यादव के संघर्ष की कहानी आंखें कर देगी नम, कड़ी तपस्‍या करके भारत को दिलाई सफलता