नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। 22वें कामनवेल्थ गेम्स 2022 में 86 किलोग्राम भारवर्ग के फ्रीस्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के पहलवान दीपक पूनिया ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के पहलवान मो. इनाम को 3-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले सेमीफाइनल मैच में दीपक पूनिया ने सेमीफाइनल मैच में कनाडा के एलेगजेन्डर मोर को एक कठिन बाउट में 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दीपक पूनिया ने शुरू से लेकर अंत तक एक भी मैच नहीं गंवाया और आखिरकार फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे।

फाइनल मैच में दीपक पूनिया का सामना पाकिस्तान के रेसलर मो. इनाम के साथ हुआ। पहले हाफ में दोनों ही डिफेंसिव नजर आए, लेकिन दीपक ने शुरुआत करके इनाम को मैट के बाहर धकेलकर एक अंक अर्जित किया और फिर उन्हें एक और अंक मिला साथ ही उनकी बढ़त 2-0 की हो गई। पहला हाफ खत्म होने के साथ दीपक ने इनाम पर 2-0 की बढ़त बनाए रखी। दूसरे हाफ में पूनिया ने एक और अंक हासिल करके अपनी बढ़त 3-0 कर ली। इनाम कोई मूव लगाते हुए नजर नहीं आए, लेकिन पूनिया ने इस दौरान कई मूव के प्रयास किए। हालांकि वो भी अंक लेने में सफल नहीं हो पाए, लेकिन दूसरे हाफ के खत्म होने तक उनकी बढ़त 3-0 की रही और उन्होंने गोल्ड मेडल जीत लिया। दीपक पूनिया ने कामनवेल्थ गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल जीता। 

दो बार के गोल्ड मेडल विनर को दीपक पूनिया ने हराया

इस पूरे मैच के दौरान दीपक पूनिया का युवा जोश पाकिस्तान के अनुभवी इनाम पर हावी रहा और वो पूरी तरह से बेबस नजर आए। मो. इनाम ने कामनवेल्थ गेम्स में इससे पहले साल 2010 दिल्ली में 84 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता था और पिछली बार यानी साल 2018 में उन्होंने गोल्ड कोस्ट में 86 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार वो अपने गोल्ड को डिफेंड नहीं कर पाए और इस पर दीपक पूनिया ने कब्जा कर लिया। दीपक पूनिया के खिलाफ वो एक भी अंक अर्जित नहीं कर पाए। 

दीपक पूनिया ने जीता पहला कामनवेल्थ गेम्स मेडल

23 साल के दीपक पूनिया ने पहली बार कामनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफलता अर्जित की। दीपक पूनिया की सफलता की कहानी अभी शुरू हुई है और उन्होंने अपनी उपलब्धियों के जरिए खूब प्रभावित किया है। पूनिया ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में नूर-सुल्तान में 86 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। वहीं एशियन चैंपियनशिप की बात करें तो उन्होंने 2021 और 2022 में देश के लिए सिल्वर मेडल जीता था जबकि 2019 और 2020 में उन्होंने ब्रान्ज मेडल अपने नाम किया था।

इसके अलावा वो वर्ल्ड जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने साल 2018 में सिल्वर मेडल जबकि इसके बाद उन्होंने साल 2019 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। दीपक ने साल 2018 में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जबकि वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में 2016 में गोल्ड मेडल जीता था। 

Edited By: Sanjay Savern