नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Tokyo Olympic 2020 के लिए भारत के आधा दर्जन से ज्यादा मुक्केबाजों ने क्वालीफाई किया है। उनमें एक आशीष कुमार भी हैं, जो हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से आते हैं। आशीष कुमार के पास मुक्केबाजी में वो रुतबा तो नहीं है, जो अमित पंघाल या मेरी कॉम के पास है, लेकिन वे पलटवार कर सभी को चौंका सकते हैं। यही कारण है कि अपने पहले ओलंपिक में आशीष कुमार छाप छोड़ना चाहेंगे।

18 जुलाई को 26 साल के हुए आशीष कुमार का जन्म 18 जुलाई 1994 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। ये इंडियन एमेच्योर बॉक्सर मिडिलवेट कैटगरी में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। वह एशियन चैंपियनशिप 2019 में सिल्वर मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं। उनके पिता भगत राम एक किसान हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी के खिलाड़ी रहे हैं। उनका पिछले साल फरवरी में निधन हो गया था।

आशीष कुमार ने बैंकॉक में 2019 एशियाई एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मिडिलवेट वर्ग में रजत पदक जीता। मार्च 2020 में, कुमार अम्मान में 2020 एशिया और ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे और फिर उसी साल उन्होंने टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई कर लिया था। आशीष कुमार 75 किलोग्राम भार वर्ग में ओलंपिक में मुक्केबाजी करने वाले हैं। इसके बाद वे कुछ टूर्नामेंट खेले जरूर, लेकिन सफलता उनको नहीं मिल सकी।

Edited By: Vikash Gaur