संवाद सूत्र, राजगांगपुर : राजगांगपुर सरकारी अस्पताल में छह साल पहले बना रक्त भंडारण केंद्र अब उद्घाटन की बाट जोह रहा है। यह रक्त भंडारण केंद्र चालू न होने से यदि किसी मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है तो राउरकेला सरकार अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त लाना पड़ता है। इसमें विलंब होने पर कभी-कभी मरीज की जान पर बन आती है। जबकि यहां पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा नियमित अंतराल में रक्तदान शिविर लगाया जाता है लेकिन रक्तदाताओं द्वारा दान किया गया रक्त राउरकेला में जमा कराना पड़ता है। राजगांगपुर और इसके आसपास लगभग 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोग राजगांगपुर सरकारी अस्पताल पर निर्भर है। इसके अलावा यहां विभिन्न निजी क्लीनिक में इलाज कराने लोग आते हैं। इनमें से किसी गंभीर मरीज के लिए रक्त की जरूरत पड़ती है तो आरजीएच रेफर करना पड़ता है या फिर मरीज के परिजनों को रक्त के लिये राउरकेला की दौड़ लगानी पड़ती है। इसमें जरा भी विलंब हुआ तो मरीज की जान पर बन आती है। शहर में इस तरह की कई घटनायें हो चुकी है, जिसमें सही समय पर रक्त का जुगाड़ न होने से मरीज की जान भी जा चुकी है। लंबे समय से रक्त भंडारण केंद्र की मांग पर छह साल पूर्व तत्कालीन विधायक ग्रिग्रोरी ¨मज की निधि से यहां रक्त भंडारण केंद्र तो बना लेकिन इसका उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है। जबकि इस केंद्र में जरूरी सभी उपकरण उपलब्ध है। इस वजह से यहां रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले सामाजिक संगठन मारवाड़ी युवा मंच, डी्आइटीसी, डालमिया कॉलेज छात्र संघ, लायंस क्लब समेत अन्य संगठनों को भी परेशानी होती है।

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कोट

रक्त भंडारण केंद्र में रक्त भंडारण की सारी सुविधा तो है, लेकिन तकनीशियन न होने से यह केंद्र चालू नहीं हो पा रहा है। इसके लिए कई बार जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है, उम्मीद है कि जल्द ही यह केंद्र शुरू करने प्रशासन पहल करेगा।

डॉ. जे टोप्पो, चिकित्सक, राजगांगपुर सरकारी अस्पताल।

Posted By: Jagran

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