जागरण संवाददाता, राउरकेला : गौ-माता तथा हिंदू धर्म की सुरक्षा के लिए देश में एक और संग्राम की जरूरत है। देश की आजादी के लिए मंगल पांडे ने 1857 में संग्राम शुरू किया था एवं उनकी आवाज से हजारों देश वासी बलिदान के लिए तैयार हो गए थे। आज धर्म पर आए संकट को टालने के लिए वैसे ही संग्रामी एवं आंदोलन चाहिए। सुंदरगढ़ जिले के गर्जन गांव में आयोजित धर्म रक्षा यज्ञ एवं जागरण सम्मेलन में विहिप के धर्म प्रसार विभाग के पश्चिम प्रांत प्रमुख शांतनु कुसुम ने यह बात कही।

लाठीकटा ब्लाक के गर्जन गांव में जय श्रीराम क्लब के इस कार्यक्रम में शांतनु कुसुम ने कहा कि देश की आजादी के 73 साल बाद भी भारत में हिदू उपेक्षित है। उनकी अनदेखी की जा रही है एवं छला जा रहा है। इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा। धर्मांतरण, गौ हत्या रोकने के लिए समाज को जागरूक व एकजुट करना होगा। राज्य व केन्द्र सरकार की ओर से इसे रोकने के लिए कानून बनाये गए हैं ं पर इसे लागू करने कोताही बरती जा रही है। इसके समर्थन में काम करने वालों को मॉब लिचिग आदि मामलों में फंसाया जा रहा है। गौ की सुरक्षा सभी का कर्तव्य है। इसके लिए तन मन व धन से काम करना होगा। धर्म रक्षा यज्ञ के लिए गुरुवार की सुबह दस बजे वेदव्यास त्रिवेणी संगम से कलशयात्रा निकाली गई जिसमें महिलायें कलश लेकर आठ किलोमीटर यात्रा करने के बाद पूजा मंडप पर कलश स्थापित कर हवन पूजन किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद सकूटा किसान की अध्यक्षता में जागरण सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें शिवा कुजूर, जाउरू किसान, टुइंचा किसान प्रमुख समेत क्लब के अध्यक्ष नवीन पत्री किसान, गोविद माझी, सुनील माझी, मन किसान, सविता माझी, वकील किसान, सुशीला किसान, रवि किसान आदि ने सहयोग किया।

Posted By: Jagran

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