जागरण संवाददाता, संबलपुर। ओडिशा के कंधमाल जिले में एक महिला को प्रसव कराने के लिए पतीले में बिठाकर उफनाई बाघ नदी पार कराने का एक मामला प्रकाश में आया है। इससे संबंधित एक वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं पर जहां सवाल उठ खड़े हुए हैं। वहीं, यह तस्वीर आजादी के सात दशक बाद भी आधारभूत संरचनाओं के अभाव की कमी को प्रदर्शित करने के लिए काफी है।

गांव में नहीं है प्रसव की कोई सुविधा

जानकारी के मुताबिक, गत सोमवार को कंधमाल जिले में विष्णु मल्लिक की पत्नी झुनू मल्लिक को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जबकि गांव में प्रसव की कोई सुविधा नहीं थी। इधर, नदी पर पुल नहीं होने और सड़क मार्ग के अभाव में महिला को मजबूरी में पतीले में बिठाकर उनके स्वजन को बाघ नदी पार कराई। इसके बाद वहां से एंबुलेंस के सहारे झुनू को लगभग 10 किमी. दूर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थापित कटरंगिया स्थित मां गृह ले जाया गया, जहां झुनू ने एक बच्चे को जन्म दिया। बताया गया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ है।

अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की घटनाओ का हो चुका है उजागर

मध्य प्रदेश के हरदा से कुछ ही दिन पहले इसी प्रकार की एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक व्यक्ति को ट्यूब की मदद से नदी पार कराकर महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाया था। गर्भवती महिला को प्रसव होने पर एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया था। हालांकि नदी के उफान पर होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची सकी थी, जिसके बाद गांव के एक व्यक्ति ने ट्यूब पर महिला को बैठाया और नदी पार कराई थी।

रांची में भी इसी प्रकार का मामला आया था सामने

रांची के बनई में नदी पर पुल नहीं होने के कराण एक गर्भवती महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई थी, जिसके कारण उसका बच्चा उसके पेट में ही मर गया था। बेहद खराब सड़क और नदी पर पुल नहीं होने के कारण परिजन लंबे समय से मदद के लिए इंतजार कर रहे थे। एंबुलेंस को भी फोन करके बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आ पाया था।

Edited By: Sonu Gupta

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