मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

संसू, संबलपुर : भाजपा नेत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के बाद संबलपुर में भी शोक की लहर है। सुषमा स्वराज को संबलपुर के लोगों से काफी लगाव था। वे एक बार संबलपुर आई थी। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पार्टी नेताओं का हौसला बढ़ाने समेत लोगों को भाजपा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। संबलपुरवासियों को आज भी वर्ष 1997 याद है। जब सुषमा स्वराज तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण अडवाणी के साथ स्वर्ण जयंती रथयात्रा के साथ नगर पहुंची थी। देर रात होने के बावजूद उन्हें देखने और सुनने के लिए स्थानीय टाउन हॉल मैदान में हजारों की भीड़ जमा थी। आडवाणी के साथ सुषमा ने भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को हिंदू अस्मिता का सवाल बताया था। भाजपा के बिपिन भाटिया ने बताया कि नब्बे के दशक में सुषमा जी झारसुगुड़ा आई थी और एक जनसभा को संबोधित किया था। उनका चार्टर्ड प्लेन झारसुगुड़ा विमानतल पर था। उन्हें गुजरात जाना था, लेकिन शाम हो जाने की वजह से पायलट ने उड़ान भरने से मना कर दिया था। तब प्लेन की सुरक्षा प्रदान करने से स्थानीय प्रशासन ने इनकार कर दिया था। ऐसे में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सारी रात प्लेन के सुरक्षा तैनात थे।

साक्षीपड़ा निवासी भाजपा नेत्री हरिप्रिया सिंह ने बताया है कि 1997 में स्थानीय अशोका टॉकीज में आयोजित एक दलीय कार्यक्रम में भी सुषमा शामिल हुईं थी। जिसमें उन्होंने दलीय नेताओं को प्रभावित और उत्साहित किया था। इस कार्यक्रम में तत्कालीन भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयब्रत दे और वर्तमान के रेंगाली विधायक नाउरी नायक भी शामिल थे। जयब्रत दे ने बताया कि सुषमा के साथ उनका काफी जुड़ाव था। स्वर्ण जयंती रथयात्रा के साथ आयीं सुषमा कार्यकर्ताओं के विशेष अनुरोध पर अशोक टॉकीज में आयोजित दलीय कार्यक्रम में शामिल हुईं थी, जबकि लालकृष्ण अडवाणी सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर रहे थे। सुषमा स्वराज जैसी महान महिला नेत्री के निधन से देश को बड़ा नुकसान हुआ है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप