संसू, संबलपुर : करीब तीन वर्ष पहले हीराकुद थाने में पुलिस की पिटाई से मृत विश्वनाथ बेहेरा के परिवार को अब सरकार नहीं बल्कि थाने का आरोपित पुलिस कांस्टेबल पांच लाख रुपये मुआवजा देगा। ओडिशा के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय की ओर से इस बारे में संबलपुर जिला पुलिस अधीक्षक को चिट्ठी भेजकर अवगत कराया गया है। गौरतलब है कि पुलिस हिरासत में विश्वनाथ की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा था, जिस पर विचार करने के बाद आयोग ने ओडिशा सरकार से जवाब भी तलब किया है। इसी के बाद सरकार ने मृतक विश्वनाथ के परिवार को मुआवजा राशि देने का निर्णय लिया था, लेकिन अब यह राशि संबद्ध पुलिस कांस्टेबल द्वारा चुकाए जाने का निर्णय लिया गया है।

गौरतलब है कि हीराकुद के प्रसिद्ध विश्वकर्मा पूजा के दौरान 17 सितंबर 2017 की रात, हीराकुद थाना अंतर्गत कालुपाड़ा निवासी विश्वनाथ बेहेरा किसी वजह से नाराज होकर लोगों पर पत्थर फेंक रहा था। इसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई थी और बाद में छोड़ दिया था। घर पहुंचने के बाद उसने परिवार वालों को बताया था कि थाने में उसे बुरी तरह पिटा गया था। इस घटना के कुछ दिन बाद, 23 सितंबर को विश्वनाथ की हालत अचानक से बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए हीराकुद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद कालुपाडा के लोगों ने हीराकुद थाने का घेराव करने समेत मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया था। इसके बाद थाना के संबद्ध कांस्टेबल को कार्य से निलंबित भी किया गया था। पुलिस हिरासत में पिटाई और इस वजह से हुई मौत को लेकर यह मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा था।

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