जागरण संवाददाता, संबलुपर (ओडिशा)। करीब दस वर्षों से प्रतिबंधित भाकपा माओवादी में सक्रिय ऐतु कोरसा उर्फ सुरजन उर्फ अमित ने हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण कर दिया है। रविवार को कालाहांडी, कंधमाल, बऊद, नयागढ़ (केकेबीएन) डिवीजन के इस एरिया कमेटी सदस्य ने बलांगीर जिला पुलिस कार्यालय में आत्मसमर्पण किया। ओडिशा सरकार ने उस पर चार लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सुरजन के इस आत्मसमर्पण के मौके पर बलांगीर जिला पुलिस अधीक्षक कुसलकर नितिन दागड़ू, उत्तरांचल पुलिस डीआइजी डा. दीपक कुमार और सीआरपीएफ के अधिकारी उपस्थित थे। सुरजन मूलत: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगलुर थाना क्षेत्र स्थित मानकेला गांव का निवासी है। वह वर्ष 2012 में नक्सली नेता दिनेश के संपर्क में आया और उसके बहकावे में आकर नक्सली संगठन में शामिल हो गया। वर्ष 2018 से वह कोडांग, महानदी संयुक्त एरिया कमेटी के सदस्य के रूप में कार्य कर रहा था। 

ठगी के आरोप में किन्नर समेत तीन गिरफ्तार

माता काली की पूजा करने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले चार सदस्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को, स्थानीय अईंठापाली पुलिस ने गिरफ्तार करने समेत उनके पास से नकद 18 हजार रुपये और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। यह तीनों खुद को मंत्री, उनकी मां और निजी सचिव बताकर स्थानीय केडिया ढाबा के मालिक संदीप कुमार केडिया से 25 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। इन तीनों को गिरफ्तार कर शनिवार के दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के बाद पुलिस इस गिरोह के सरगना सुधीर रंजन महापात्र उर्फ दुर्गा माता की तलाश कर रही है, जो कहीं फरार है।

संबद्ध अईंठापाली थानेदार योगेश पंडा के अनुसार, घटना 24 जुलाई की है। स्थानीय पांचगोछिया चौक में केडिया ढाबा चलाने वाले संदीप कुमार केडिया ने थाने में 25 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि 24 जुलाई के पूर्वान्ह एक अनजाने नंबर से फोन कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को एक मंत्री का निजी सचिव बताने समेत यह भी बताया कि उसके साथ मंत्री और उसकी मां भी हैं। इसके बाद कथित मंत्री की मां ने फोन पर सादे भोजन का आर्डर भी दिया। बातों ही बातों में मंत्री की कथित मां ने केडिया ढाबा के मालिक संदीप को अपने ढाबा की उन्नत्ति और अच्छे व्यवसाय के लिए काली पूजा कराने को कहा। उसने इसके लिए संदीप से 25 हजार रुपये खर्च करने को कहा। संदीप जब पूजा के लिए राजी हो गया, तब उसे फोन-पे का नंबर देकर उसमें रुपये जमा करने को कहा गया। संदीप ने झांसे में आकर 25 हजार रुपये जमा करा दिया। इसके बाद जब फोन करने वालों में से कोई भोजन करने नहीं आया और फोन करने पर किसी ने फोन रिसीव नहीं किया तब संदीप को ठगी का पता चला और उसने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

इस रिपोर्ट के दर्ज होने के बाद पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से जांच पड़ताल शुरू की और पहले सुधांशु नायक उर्फ आलोक को हिरासत में लिया।

बऊद जिला के टाऊन थाना अंतर्गत पनकीमाल के सुधांशु उर्फ आलोक ने बताया कि कुछ महीने पहले उसकी जान पहचान मनीषा किन्नर से हुई थी और उसने पूजा के नाम पर ठगी के बारे में बताकर उसे गिरोह में शामिल कर लिया था। उससे पूछताछ के बाद बऊद टाऊन थाना अंतर्गत गुठुपाली गांव के सौम्यरंजन प्रधान उर्फ विक्की उर्फ मनीषा किन्नर और देवगड़ा गांव के प्रताप बेहेरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब काली पूजा के नाम पर ऑनलाइन ठगी का पता चला। पुलिस के अनुसार, ढेंकानाल जिला के नरसिंहपुर गांव का सुधीर रंजन महापात्र उर्फ दुर्गा माता इस गिरोह का सरगना है और लोगों की धार्मिक आस्था का लाभ उठाकर काली पूजा के नाम पर ठगी करता है। वर्तमान वह कहीं फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra