संवाद सूत्र, बामड़ा : प्यार, मोहब्बत व इश्क को लेकर किसी शायर ने क्या खूब कहा है, यह इश्क नहीं आसां, आग का दरिया है और डूबकर जाना है। वैसे कलियुग में प्रेम करने वालों को आग के दरिया से भले ही नहीं गुजरना पड़ता हो, लेकिन प्रेमिका रुठ गई तो उसके कोप से कोई नहीं बचा सकता। लात-जूतों और घूसों की सौगात भी मिलती है। बामड़ा अंचल में स्टेशन के पास एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला है।

बुधवार के दोपहर बामड़ा स्टेशन के पास एक युवक व युवती बातचीत कर रहे थे। इसी बीच कुछ ऐसा हो गया कि युवती ने युवक पर लात-जूतों, तमाचों व घूसों की बरसात करनी शुरू कर दी। यह देखकर वहां लोगों की भीड़ जुट गई थी। लेकिन युवती का रौद्र रूप देकर किसी ने भी युवक को उसके कहर से बचाने का साहस नहीं किया। इसकी सूचना मिलने से गो¨वदपुर पुलिस ने वहां पहुंचकर दोनों का्े पक़ड़कर थाना लाने के बाद यह मामला शांत हुआ।

पता चला है कि युवक व युवती में प्रेम संबंध था। लेकिन युवक की शादी अन्य स्थान पर तय हो गई है। जिससे बुधवार को बामड़ा स्टेशन के पास युवक ने युवती को देखा तो बातचीत करनी चाही, लेकिन युवती ने गुस्से में आकर पिटाई कर दी।

Posted By: Jagran

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