संसू, संबलपुर : बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साय इंस्टीच्युट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च में कार्यरत डॉ. हिमांशु आचार्य ने एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि जीना है तो डाक्टरी सलाह के बगैर किसी भी दवा का सेवन नहीं करें। बगैर डाक्टरी सलाह के सेवन से दवाओं का शरीर पर घातक असर हो सकता है जो जानलेवा साबित हो सकता है।

रविवार की शाम, स्वेच्छाकृत रक्दतान संस्था उत्सर्ग के 34वें वार्षिकोत्सव में मुख्यवक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. आचार्य ने बताया कि सर्दी-खांसी, सिरदर्द, पेटदर्द, बुखार, डायरिया, अनिद्रा और कमजोरी दूर करने के लिए अधिकांश लोग दवा दुकानदार या अपने दोस्तों की सलाह पर दवा का सेवन कर लेते हैं। इन दवाओं से फौरी तौर राहत तो मिल जाती है लेकिन मानव शरीर पर इन दवाओं का बुरा प्रभाव पड़ता है। जो बाद में गंभीर रूप ले लेता है। डाक्टरों के पास ऐसी दवाओं के अच्छे बुरे प्रभाव की जानकारी होती है वहीं उचित सलाह दे सकते हैं। इसी तरह उन्होंने इंजेक्शन लेते समय सावधानी बरतने और दवा सेवन करते समय एक्सपायरी तारीख पर भी विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। संस्था के सदस्य प्रशांत पाटजोशी के संयोजन में आयोजित इस वार्षिकोत्सव में सूर्य पाणिग्राही ने अतिथि परिचय और संस्था की विभिन्न सेवाकार्य की जानकारी दी जबकि रजनी बाग ने वार्षिक लेखा जोखा पाठ करते हुए बीते वर्ष के दौरान विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से 780 यूनिट रक्त संग्रह कर रक्तभंडार को सौंपे जाने, केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता राशि प्रदान, 971 मरीजों को चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाने समेत थैलेसिमिया, सिकेल सेल से पीड़ित मरीजों के लिए भी दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी कराए जाने को लेकर प्रयास के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. काचन राय, डॉ. अश्विनी नायक अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर उत्सर्ग के विभिन्न सेवाकार्य की सराहना करते हुए विभिन्न रोग और पीड़ित मरीजों के लिए इलाज के कई नई तकनीक के बारे में जानकारी दी।

Posted By: Jagran