संसू, संबलपुर : सूचना अधिकारकर्मी व सालेभटा के पूर्व सरपंच परशुराम प्रधान हत्याकांड में अब तक मुख्य आरोपी दशरथ धल और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी नहीं होने होने से मृतक के इलाके के नेताओं और ग्रामीणों ने मामले की जांच क्राइमब्रांच से कराने की मांग की। उनका आरोप है कि संबद्ध नाकटीदेउल पुलिस की लापरवाही की वजह से मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी फरार होने में सफल रहे। जबकि अन्य दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद चुप होकर बैठ गई है। मृतक के परिवार और गांववालों ने भी नाकटीदेउल पुलिस की कार्यदक्षता पर संदेह करते हुए बुधवार के दिन संबलपुर जिला पुलिस अधीक्षक संजीव अरोरा को इस आशय का ज्ञापन सौंपने समेत हत्याकांड की जांच क्राइमब्रांच से कराने की मांग की है।

नाकटीदेउल इलाके से आए ग्रामीणों के साथ कांग्रेस के आसफ अली खान, भाजपा के गोविंद प्रसाद अग्रवाल, सूर्य पाणिग्राही, मिलन प्रधान, मुरलीधर प्रधान, समर प्रधान, हेमंत कुमार साहू समेत अन्य रैली के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 27 अगस्त की शाम अपने गांव चेमेर्डा लौटते समय अधिकारकर्मी व पूर्व सरपंच परशुराम पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया गया है। हत्याकांड के बाद पुलिस की जांच पड़ताल पर भी सवाल उठाया गया है। गौरतलब है कि सालेभट्टा सहकारी समिति के तत्कालिन सचिव दशरथ धल के घोटाले का पर्दाफाश पूर्व सरपंच परशुराम ने किया था। जिसकी वजह से दशरथ को जेल जाना पड़ा था। इसी का बदला लेने की खातिर परशुराम की हत्या की गई।

Posted By: Jagran