संसू, संबलपुर : बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च संस्थान के निदेशक डॉ. अश्विनी पुजाहारी और प्रशासनिक अधिकारी गोपालकृष्ण नायडू के बीच उपजा विवाद अब गहराने लगा है। प्रशासनिक अधिकारी गोपालकृष्ण नायडू के बीच उपजा विवाद अब गहराने लगा है। प्रशासनिक अधिकारी नायडू की कथित लेटलतीफी को लेकर निदेशक डॉ. पुजाहारी ने मंगलवार के पूर्वाह्न प्रशासनिक अधिकारी नायडू के प्रकोष्ठ में ताला बंद कर दिया था। इसे अपना अपमान बताते हुए नायडू ने उत्तरांचल राजस्व आयुक्त, संबलपुर जिलाधीश और ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ से शिकायत की है। प्रशासनिक सेवा संघ अब नायडू के समर्थन में आगे आ गया है। जबकि निदेशक डॉ. पुजाहारी के समर्थन में संबलपुर जिला वकील संघ खड़ा हो गया है और सरकार से प्रशासनिक अधिकारी नायडू के तबादले की मांग कर रहा है।

इस संदर्भ में जारी प्रेस विज्ञप्ति में संबलपुर जिला वकील संघ के सचिव प्रभात कुमार महापात्र ने बताया कि मेडिकल साइंस एंड रिसर्च संस्थान के प्रशासनिक अधिाकरी गोपालकृष्ण नायडू का कार्यकलाप अक्सर विवादों में रहा है। अपनी ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहना उनकी पुरानी आदत है और अब अपने संघ के साथ मिलकर निदेशक डॉ. पुजाहारी के खिलाफ साजिश कर रहे हैं उनका यह रवैया जनविरोधी है। वकील संघ उनके ऐसे रवैये की ¨नदा करता है। वकील संघ ने आरोप लगाया है कि पश्चिम ओडिशा के लोगों की सहानुभूति और संवेदना पानी के हकदार नायडू नहीं है। वकील संघ ने आरोप लगाया है कि पश्चिम ओडिशा के लोगों की सहानुभति और संवेदना पाने के हकदार नायडू नहीं है। ऐसे में पश्चिम ओडिशा की जनता की भलाई को ध्यान में रखते हुए नायडू का यथा शीघ्र तबादला आवश्यक हो गया है। सरकार अगर उनका तबादला नहीं किया तो वकील संघ आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगा।

Posted By: Jagran

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