संसू, संबलपुर : बीजू जनता दल (बीजद) में दलीय टिकट नहीं मिलने के बाद पिछले साल भाजपा में शामिल अशोक पाणिग्राही ने दल इस्तीफा दे दिया है। इस बार भी दलीय टिकट नहीं मिलने और कथित रूप से पार्टी में उपेक्षा का शिकार होने के बाद अशोक ने भाजपा को राम-राम कहा है। बताया कि भाजपा छोड़ने का निर्णय उन्होंने समर्थकों से विचार-विमर्श करने के बाद लिया है। हालांकि बीजेपुर में उपचुनाव से पहले पूर्व विधायक अशोक पाणिग्राही के इस्तीफे को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहें हैं। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक प्रदीप पुरोहित ने कहा है कि अशोक के इस्तीफे का कोई असर बीजेपुर उपचुनाव में नहीं पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि मूलत: जनता दल के अशोक पाणिग्राही बीजद के टिकट पर एक बार काग्रेस के दिवंगत विधायक सुबल साहू को हराकर बीजेपुर के विधायक बने थे। इसके बाद से उन्हें अबतक किसी चुनाव में जीत हासिल नहीं हुई। वर्ष 2017 में बीजेपुर के विधायक सुबल साहू के निधन के बाद बीजद ने अशोक के बजाय सुबल की विधवा रीता साहू को दलीय उम्मीदवार बनाया। इससे नाराज होकर अशोक ने बीजद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। तब भाजपा ने अशोक को दलीय उम्मीदवार बनाया था लेकिन उपचुनाव में अशोक बीजद की रीता साहू से 41933 वोट से हार गए। इसके बाद 2019 के चुनाव में भाजपा ने अशोक के बजाय सनत गडतिया को टिकट दिया। सनत का मुकाबला मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ था। इसमें पटनायक जीत गए। मुख्यमंत्री दो सीट से चुनाव जीते थे। ऐसे में उन्होंने बीजेपुर सीट से इस्तीफा दे दिया। अब 21 अक्टूबर को बीजेपुर में उपचुनाव होना है। भाजपा ने अशोक को टिकट नहीं देकर सनत पर दाव खेला है। इसी को लेकर नाराज चल रहे अशोक ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया।

बीजेपुर में बाजी मारने भाजपा ने लगाया जोर : बरगढ़ जिला के बीजेपुर विधानसभा सीट के लिए 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजद की तरह भाजपा ने भी अपना पूरा जोर लगा दिया है। दलीय उम्मीदवार सनत गडतिया की जीत सुनिश्चित करने की खातिर भाजपा के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सांसद सुरेश पुजारी, बसंत पंडा, विधायक मुकेश महालिग, कुसुम टेटे, पूर्व विधायक कनकव‌र्द्धन सिंहदेव, प्रदीप पुरोहित, राधारानी पंडा ्रप्रमुख नेताओं ने बीजेपुर और बरपाली में रोड शो करने समेत आगलपुर और तालपाली में चुनावी सभा को संबोधित कर भाजपा उम्मीदवार सनत को विजयी बनाने की अपील की। 2017 के उपचुनाव और 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इस सीट पर दूसरे स्थान में थी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीते आमचुनाव में दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था। इनमें एक उनकी पारंपरिक सीट गंजाम संसदीय क्षेत्र की हिंजली विधानसभा तथा दूसरी बरगढ़ जिले की बीजेपुर सीट शामिल थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बीजेपुर सीट से इस्तीफा दे दिया था। तब से यह सीट खाली पड़ी है। अब चुनाव आयोग ने 21 अक्टूबर को यहां उपचुनाव की तिथि तय की है। बीजद जहां सीट को बचाने के लिए जोर आजमाइश रह रही है वहीं भाजपा यहां जीत सुनिश्चित कर राज्यवासियों को संदेश देना चाहती है कि भाजपा अगली बार यहां सरकार बनाएगी।

Posted By: Jagran

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