संसू, संबलपुर : चक्रवात 'फणि' को लेकर हीराकुद बांध प्रबंधन भी पूरी तरह से सजग होने के साथ बांध के मुख्य नियंत्रण कक्ष समेत अन्य नियंत्रण कक्ष को सतर्क कर दिया गया है। बांध के जलभंडार की अधिकतम जलधारण क्षमता 630 फीट है। जबकि शुक्रवार की सुबह तक जलभंडार में 610 फीट से थोड़ा अधिक पानी था। बांध के मुख्य अभियंता ज्योíतमय रथ ने बताया कि चक्रवात फणि से पश्चिम ओडिशा में किसी तरह की आपदा की संभावना नहीं के बराबर है। लेकिन किसी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से तैयारी की गयी है। हीराकुद स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष समेत बुर्ला, संबलपुर, रूपरा और सुंदरगढ़ स्थित नियंत्रण कक्ष को सजग किया गया है। साथ ही अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर चक्रवात की वजह से हीराकुद बांध के ऊपरी और निचले मुहाने पर बारिश हुए तो महानदी का जलस्तर बढ़ सकता है। हीराकुद बांध के जलभंडार में भी अधिक पानी प्रवेश करने की संभावना है। इसी के मद्देनजर तैयारी की गई है। वर्तमान बांध के जलभंडार में प्रति सेकंड 3000 घनफुट से थोड़ा अधिक पानी प्रवेश कर रहा है। जिसे खतरा नहीं माना जा सकता है।

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