संबलपुर, जेएनएन। कभी खुद को उपजिलाधीश तो कभी तहसीलदार बताकर सरकारी कर्मचारियों एवं अन्य

लोगों से ठगी करने वाले एक व्यक्ति को धनुपाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस को उसके कई कारनामों का पता चला है। आरोपित सिकंदर महंत को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की अधिक जांच पड़ताल कर रही है।

धनुपाली थानाधिकारी कमल कुमार पंडा के अनुसार, खुद को तहसीलदार बताने वाले सिकंदर महंत ने इस बार उत्तरांचल राजस्व आयुक्त के निजी सचिव संतोष नंद को झांसा देकर पांच हजार रुपये ठग लिया था। इसका पता चलने के बाद निजी सचिव नंद ने धनुपाली थाना में इस आशय का रिपोर्ट दर्ज करा दिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सिकंदर महंत को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी के अनुसार, आरोपी सिकंदर मूलत: केंदळ्झर जिला के पाटणा थाना अंतर्गत उदयपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान वह अपने परिवार के साथ धनुपाली थाना अंतर्गत कुलुथकानी में रहता है और खुद को सोनपुर तहसीलदार बताकर राजस्व आयुक्त के निजी सचिव से जान पहचान कर पांच हजार रुपये की ठगी की थी।

उसने निजी सचिव संतोष नंद को बताया था कि वह मयूरभंज जिला का रहने वाला है और नाम मानसिं‍ह मुंडा है। पुलिस के पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी सिकंदर महंत इससे पहले खुद को उपजिलाधीश बताकर केंदळ्झर में कई लोगों से ठगी करने के बाद संबलपुर आकर रहने लगा और यहां खुद को सोनपुर का तहसीलदार बताकर ठगी शुरू कर दिया।

 

Posted By: Babita