संसू, संबलपुर : बुर्ला अस्पताल में इलाजरत विचाराधीन कैदी प्रकाश सुना उर्फ बंटी की मौत को लेकर शिक्षक पिता पुरंदर सुना ने संबलपुर मंडल जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया है कि प्रकाश सिकलिन रोग से पीड़ित था। इस बारे में जेल अधीक्षक और जेलर को भी पता था। इसके बावजूद प्रकाश के इलाज में लापरवाही बरती गई जिसकी वजह से बेटे की अकाल मौत हुई। पिता ने इस बारे में जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक और मानवाधिकार आयोग से भी लिखित शिकायत करने का निर्णय लिया है।

बुर्ला के ज्योति विहार यूजीएमई स्कूल के शिक्षक पुरंदर सुना और अनीता सुना के एकमात्र पुत्र प्रकाश सुना उर्फ बंटी को बुर्ला पुलिस ने आठ सितंबर को गिरफ्तार कर अगले दिन न्यायिक हिरासत में संबलपुर मंडल जेल भेजा था।

बताया गया है कि सिकलिन रोग से पीड़ित प्रकाश की तबीयत गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद खराब हो गई थी। लेकिन उसे इलाज के बजाय जेल के अस्पताल में दर्द निवारक इंजेक्शन दिया जाता था। जब प्रकाश की हालत खराब ज्यादा बिगड़ गई तब उसे 17 अक्टूबर की रात बुर्ला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां तीन दिन बाद 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। जेलर सौभाग्य बल ने बताया है कि प्रकाश उर्फ बंटी के इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गयी। बीते वर्ष भी उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तब उसका ठीक से इलाज किया गया था। इस बार भी जेल के अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा था और तबीयत अधिक खराब होने के बाद 17 अक्टूबर की रात उसे बुर्ला अस्पताल भेजा गया था।

Posted By: Jagran

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