जागरण संवाददाता, राउरकेला : चिकित्सक की कार की टक्कर से जख्मी युवक को इलाज के लिए सिविल टाउनशिप स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज खर्च का भुगतान नहीं करने पर उसे बंधक बना लिया गया था। सोमवार को उसे अस्पताल से मुक्त कराया गया तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

इस संबंध में आसरा की प्रमुख मिनती देवता ने बताया कि छेंड कॉलोनी निवासी श्रीकांत नायक 20 जून की दोपहर करीब डेढ़ बजे बाइक से जा रहा था तभी डॉ. केके दत्ता की कार की टक्कर से जख्मी हो गया एवं उसके पांव की हड्डी टूट गई थी। डॉ. दत्ता ने वहां मौजूद लोगों के सामने माफी मांगी एवं इलाज पूरा खर्च वहन करने की बात कही। खुद सिविल टाउन के एक निजी अस्पताल में दो हजार रुपये जमा कर भर्ती कराया एवं दवा के एवज में पांच हजार रुपये भी दिए। इसके बाद उसकी सुध नहीं ली। उसके इलाज खर्च के एवज में अस्पताल में 20 हजार रुपये जमा करना था पर डॉ. दत्ता ने रकम जमा नहीं किया। जिससे बिल बढ़कर 35 हजार रुपये हो गया। बिल भुगतान नहीं करने के कारण श्रीकांत को अस्पताल से छुट्टी नहीं मिल रही थी।

दूसरी ओर 26 जून को डॉ. दत्ता ने रघुनाथपाली थाने में श्रीकांत पर हेडफोन लगाकर बातचीत करने के कारण दुर्घटना का शिकार होने का उल्लेख करते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। इसकी जानकारी मिलने पर मिनती देवता रघुनाथपाली थाना पहुंची और इसकी तहकीकात करने के साथ ही अस्पताल जाकर उसकी सुध ली। इलाज कर रहे डॉ. जेना से बातचीत कर श्रीकांत को अस्पताल से छुट्टी दिलाई।

Posted By: Jagran

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