जागरण संवाददाता, राउरकेला : सुंदरगढ़ जिले के शहरी क्षेत्र की बस्तियों एवं गांवों में मकर संक्रांति पर टुसू पर्व धूमधाम से मनाया गया। कुंवारी कन्या और नव विवाहिताओं ने रात्रि जागरण कर टुसू देवी का गुणगान किया तथा पूजा के बाद उसका विसर्जन किया। कुछ क्षेत्रों में प्रतिमा मिलन का भी आयोजन किया गया। आदिवासी बहुल जिले के अधिकतर सरना धर्मावलंबी परिवार के लोग मकर संक्रांति के साथ ही टुसू की पूजा करते हैं। इनमें कुड़मी, मुंडारी, भूमिज, टमड़िया, गोंड, ग्वाला आदि शामिल हैं। गांव व बस्ती क्षेत्र में कुंवारी कन्या व नव विवाहिता टुसू देवी की पूजा में सप्ताह भर से जुटी हुई थी। टूसू के लिए पंडाल तैयार कर इनमें रात भर नाच गान कर जागरण किया गया। सुबह टुसू देवी को लेकर गांव व बस्ती में भ्रमण करने के बाद विसर्जन किया गया। ऐसी मान्यता है कि टुसू देवी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है तो धन धान्य के साथ घर में आती हैं। इसकी पूजा करने के साथ ही युवतियां अपने कुल की मर्यादा की रक्षा प्राण देकर करने का संकल्प लेती हैं। राउरकेला शहर में गंगाधरपल्ली, गोपबंधुल्ली, मधुसूदनपल्ली, नया बाजार, लुआकेरा, बांकी, बागबुड़ी बस्ती, जगदा, झीरपानी, देवगांव, बालीजोड़ी, बंधाबासा, बंडामुंडा आदि क्षेत्रों में टुसू देवी की पूजा की गई। डराईकेला में मंगलवार को प्रतिमा मिलन तथा मकर मिलन समारोह का आयोजन किया गया है। इसी तरह का कार्यक्रम बंडामुंडा के डुमेरता में भी आयोजित किया जाता है। प्रतिमा मिलन के बाद टुसू देवी का विसर्जन किया जाएगा।

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