जागरण संवाददाता, राउरकेला : राजस्थान कें किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने वाला टिडिडयों का दल ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से मात्र 350 किलो मीटर की दूरी पर छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले के भरतपुर प्रखंड के मानिकतरई और ज्वारिटोला गांव पहुंच चुका है। रविवार को टिडिडयों का यह दल मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ सीमा में प्रवेश किया है। एक दिन में डेढ़ सौ किलोमीटर का सफर तय करने वाला टिड्डी दल किसी भी समय पश्चिम ओडिशा में प्रवेश कर सकता है। जोकि छत्तीसगढ़ सीमा से सटे पश्चिम ओडिशा के सुंदरगढ़, बरगढ़, बलांगीर, कालाहांडी, नुआपाड़ा जिले के लिए चिता का विषय बन गया है। हालांकि हवा का प्रवाह अगर विपरित रहा तो टिडिडयों के दल का रुख आंध्र प्रदेश या बिहार की ओर हो सकता है। इधर, टिडडी जनित संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से उपरोक्त जिलों के लिए सतर्कता जारी की गई है। त्वरित जागरूकता के लिए वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से किसानों को इन कीटों से फसल के बचाव के लिए विभिन्न उपाए सुझाए जाने की जानकारी कृषि उपनिदेशक लक्ष्मीनारायण दास ने दी है।

प्रखंड व ग्राम कृषि कर्मचारी को टिड्डी के प्रवेश पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 12 औषधि के साथ- साथ नीम तेल के प्रयोग पर बल दिया गया है। सुंदरगढ़ जिले के 279 पंचायत में से 276 पंचायत के किसानों तक यह यह सूचना उनके लिए बनाए गए वाट्सएप ग्रुप के जरिए दिया गया है। जिसमें 26,379 किसान जुड़े हुए है। प्रखंड ग्रुप किसान

हेमगीर 19 1478

लेफ्रिपाड़ा 17 2066

टांगरपाली 13 1804

सुंदरगढ़ 16 1564

सबडेगा 14 1446

बालिशंकरा 19 2211

बडगां 15 549

कुतरा 16 2071

राजगांगपुर 17 1430

कुआरमुंडा 20 2444

नुआगांव 20 2434

लाठीकटा 18 2222

बिसरा 14 1560

गुरुंडिया 13 433

बणई 13 864

कोईड़ा 15 550

लोहणीपाड़ा 17 1152

Posted By: Jagran

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