जागरण संवाददाता, राउरकेला : राउरकेला के बरटोली स्थित पद्मिनी पैलेस में आयोजित माकपा के 22वें राज्य सम्मेलन का पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने उद्घाटन किया। उन्होंने ओडिशा के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश वर्तमान में संकट काल से गुजर रहा है। सात साल से केंद्र में सत्तारूढ़ नरेन्द्र मोदी सरकार राष्ट्रीय संपत्ति को सस्ते दाम पर पूंजीपतियों के हाथों बेच रही है। एक एक कर श्रमिक, किसान एवं जन विरोधी फैसले ले रही है, जिसके खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने की जरूरत है।

सीताराम येचुरी ने कहा कि केंद्र सरकार कोरोना जैसे संकट काल में भी हीन राजनीति करने में पीछे नहीं है। कभी कोरोना टीका तो कभी खाद्यान्न आपूर्ति के नाम पर वाहवाही लूटने में व्यस्त है। देश में महंगाई बढ़ने व पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी रोकने के लिए पहल नहीं कर रही है। देश में पूंजी विनिवेश के नाम पर राष्ट्रीयकृत उद्योगों व संस्थानों को पूंजीपतियों के हाथों सस्ते में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए किसान विरोधी कानून लाने, श्रमिक कानून की जगह चार कोड लाने जैसे देश विरोधी व जन विरोधी फैसले ले रही है, यह उनके साथ अन्याय है। इससे वे श्रमिक व किसान अपने अधिकार से वंचित होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट काल में देश में पीएम केयर के नाम पर करोड़ों रुपये कार्पोरेट चंदा वसूला जा रहा है पर देश वासियों को इसका हिसाब नहीं बताया जा रहा है एवं इसमें बड़ी हेराफेरी हो रही है। भाजपा के नेतृत्व में देश में धार्मिक राजनीति व हिंदू तुष्टीकरण, जाति धर्म के नाम पर शांतिप्रिय देश वासियों को बांटने के प्रयास की उन्होंने निदा की। इसे देश के लिए खतरा बताते हुए आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन की जरूरत पर जोर दिया। इस सम्मेलन में माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सूर्यकांत मिश्र, पार्टी के प्रदेश सचिव अली किशोर पटनायक, प्रदेश नेता जनार्दन पति, विष्णु महंती, जगन्नाथ मिश्र, बणई के विधायक लक्ष्मण मुंडा, जिला महासचिव प्रमोद सामल ने भी अपने विचार रखे। आगामी दो दिनों तक यह सम्मेलन चलेगा। इसमें आगामी तीन साल के लिए माकपा के कार्यक्रम का खाका तैयार किया जाएगा। महंगाई पर नियंत्रण तथा जीवन जीविका समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनेगी।

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