जागरण संवाददाता, राउरकेला : पानपोष आइटीडीए से विभागीय अधिकारियों के तबादले के बाद भी राउरकेला कार्यालय में बने हुए हैं। तबादला आदेश मिलने के बाद कुछ महीने बाहर रहे फिर वापस आ गए। विभाग के दो कनीय अभियंता की जगह तीन को नियुक्ति मिली है। जल संसाधन विभाग के एक कनीय अभियंता को यहां प्रतिनियुक्त पर लाया गया है। विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से नियम का उल्लंघन कर काम का बंटवारा कर राशि की हेराफेरी की जा रही है।

आइटीडीए विभाग के अधिकारी व अभियंता पानपोष आइटीडीए कार्यालय को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। विवादों में घिरने के बाद कुछ महीने तक बाहर जा रहे हैं और फिर वे वापस लौट रहे हैं। विभाग में दो कनीय अभियंता का पद है पर तीन को काम दिया जा रहा है। दो अभियंता पहले से यहां काम कर रहे थे। इसके बाद भी सिचाई विभाग से एक अभियंता को प्रतिनियुक्त पर आइटीडीए में लाया गया। एक कनीय अभियंता के पांच छह महीने इस पद पर रहने के बाद सारे कार्यकलाप समझ पाये। इसके बाद उन्हें भुवनेश्वर स्थित एससीएसटी विभाग में तबादला कर दिया गया। वहां कुछ महीने रहने के बाद उच्चाधिकारियों से सांठगांठ कर राउरकेला स्थित पानपोष आइटीडीए कार्यालय में लौट आये। आइटीडीए विभाग जहां बार बार अनियमितता की शिकायतें की जा रही है। विभाग के एक अधिकारी का भी तबादला हो चुका है पर वे विभिन्न बहाना बनाकर इसे टालते रहे हैं। अधिकारी, अभियंता और संस्था के ठेकेदारों के बीच सांठगांठ पर यहां योजनाओं का काम चल रहा है। पांच लाख से अधिक के काम का टेंडर होना चाहिए पर काम को टुकड़ों में बांट कर बिना टेंडर के काम कराया जा रहा है एवं नियमों की अनदेखी की जा रही है। आइटीडीए के एक अधिकारी सुंदरगढ़ जिले के दो ब्लॉक में सर्व शिक्षा अभियान में नौ स्कूलों का काम खुद करा रहे हैं जो जांच का विषय है। मो स्कूल अभियान में 10 स्कूलों के विकास के लिए 3.71 करोड़ का काम हुआ। प्रत्येक स्कूल में 30 लाख से 55 लाख तक का काम हुआ पर बिना टेंडर के 40 ठेकेदारों में बांट कर किया गया। 2020-21 में कुआरमुंडा, लाठीकटा, नुआगांव व बिसरा ब्लॉक में स्कूल मरम्मत पर 5.18 करोड़ रुपये का काम भी विभागीय काम बताकर बिना टेंडर के कराया गया। विभाग में हो रही अनियमितता की जांच के लिए पूर्व नगरपाल सह भाजपा नेता निहार राय तथा अन्य दलों की ओर से आवाज उठाई गई है पर इस दिशा में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

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