जागरण संवाददाता, राउरकेला : शिक्षकों की कमी शिक्षा क्षेत्र में बड़ी समस्या बनी हुई है। शिक्षकों के सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति नहीं हो रही है। प्राथमिक स्कूलों में प्रति 30 एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात होना चाहिए। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं एवं ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। शिक्षकों की कमी के कारण इसमें भी बाधा उत्पन्न हो रही है। राउरकेला नगरपालिका व बिसरा ब्लॉक क्षेत्र में चार साल में 184 शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 22 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य 788 शिक्षकों पर टिका है।

बिसरा ब्लॉक व राउरकेला नगर निगम क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के 184 शिक्षक व शिक्षिका चार साल के अंदर सेवानिवृत्त हुए हैं। इसमें 2018 में 38 शिक्षक, 2019 में 42, 2020 में 66 तथा 2021 में 38 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। बिसरा ब्लाक के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 22 हजार 170 है। इसमें राउरकेला नगर निगम क्षेत्र के 15 हजार 805 है जबकि बिसरा ब्लॉक ग्रामीण क्षेत्र में 6 हजार 365 है। इसके अलावा सरकारी अनुदानप्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 2 हजार 67 है। विद्यार्थियों की तुलना में शिक्षकों की संख्या काफी कम है। बिसरा ब्लॉक क्षेत्र में 349 शिक्षक हैं जबकि नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में 439 शिक्षक हैं। विभिन्न चरणों में शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने पर भी उनकी जगह नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई। अगले कुछ महीने में और शिक्षक सेवानिवृत्त होंगे जिससे संख्या और घटेगी। सरकार की ओर से शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए नोडल स्कूल की परिकल्पना की गई है। इसमें एक ही परिसर में प्राथमिक एवं हाईस्कूल के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। 5-टी व्यवस्था में स्कूलों का रूपांतर भी किया जा रहा है पर शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद कम की नजर आ रही है।

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