जागरण संवाददाता, राउरकेला : सुंदरगढ़ व राउरकेला में उच्च शिक्षा के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन एवं पृष्ठभूमि भी है। इसी के आधार पर जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग वर्षों से की जा रही है पर बार-बार इसकी उपेक्षा की जा रही है। सरकार की ओर से प्रस्तावित विश्वविद्यलय की सूची में सुंदरगढ़ का नाम शामिल नहीं किया गया है।

कटक के रेवेंशा स्वयंशासित कॉलेज, भुवनेश्वर के रमादेवी स्वयंशासित कॉलेज तथा संबलपुर के गंगाधर मेहेर स्वयंशासित कॉलेज को सरकार की ओर से विश्वविद्यालय की मान्यता मिली है। राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय की संख्या कम होने के कारण यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी क्रम में राउरकेला स्वयंशासित कॉलेज को भी विश्वविद्यालय की मान्यता देने की मांग की जा रही थी। इस बार सरकार की सूची में इसे शामिल नहीं किया गया जबकि इसमें राजेन्द्र कॉलेज तथा भवानीपटना कॉलेज को विश्वविद्यालय की मान्यता मिलने जा रही है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री अरुण कुमार साहू, राज्य के वित्त मंत्री निरंजन पुजारी से मिलकर छात्रों ने राउरकेला स्वयंशासित कॉलेज को विश्वविद्यालय की मान्यता देने की मांग की गई थी पर सरकार की ओर से सुंदरगढ़ जिले की उपेक्षा की गई है। सुंदरगढ़ जिले के सभी कॉलेज संबलपुर विश्वविद्यालय के अधीन हैं। राउरकेला स्वयंशासित कॉलेज की अपनी 35 एकड़ जमीन है। 17 विभागों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई हो रही है जबकि तीन विभागों में एमफिल भी है। 20 विभागों में स्नातक की डिग्री की व्यवस्था है जिसका लाभ जिले के विद्यार्थियों को मिल रहा है।

Posted By: Jagran

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