जागरण संवाददाता, राउरकेला। पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) उग्रवादी संगठन के सफाए का लक्ष्य लेकर काम कर रही राउरकेला पुलिस के हाथ गुरुवार को एक और सफलता हाथ लगी। पीएलएफआइ सरगना दिनेश गोप के एक और करीबी सुदामा सिंह को पुलिस ने बिसरा से गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्तौल व जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। सुदामा के खिलाफ झारखंड व ओडिशा के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अकेले झारखंड के बानो थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ हत्या के छह मामले दर्ज हैं।

आखिरी बार उसे 26 दिसंबर 2017 को बिसरा से ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। राउरकेला एसपी के कार्यालय में डीआइजी कविता जालान व एसपी के.शिवा सब्रमणि ने सयुक्त रूप से बताया कि पीएलएफआइ के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संगठन के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के इरादे से पुलिस काम कर रही है। जिसमें पुलिस को लगातार सफलता भी मिल रही है। 

भाजपा व झामुमो के नेताओं की हत्या सहित 15 मामले दर्ज

सुदामा के खिलाफ 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें झारखंड के बानो थाने में 10 मामले दर्ज हैं। जबकि बाकी के पांच मामले ओडिशा के हाथीबाड़ी में दो, बिसरा थाने में दो तथा झारखंड के जलडेगा थाने में एक मामला दर्ज है। सुदामा ने सात जून, 2007 को बानो बाजार में भाजपा नेता बिशेश्वर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बानो के ही चोरंडा बस स्टैंड में छह नवंबर, 2008 को झामुमो नेता पीटर बागे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट, बैंक की लूट जैसे मामलों में शामिल था।

सुपारी लेकर जमीन विवाद में हत्या के इरादे से चलायी थी गोली

अंतिम बार सुदामा को बिसरा से गिरफ्तार किया गया था। सुदामा ने को एक जमीन विवाद में जगदा के दिनेश मुंडारी की हत्या के लिए सुपारी मिली थी। उसे एक सरपंच महादेव मुंडारी ने यह सुपारी थी। जिसके बाद सुदामा अपने दो साथियों भीष्म सहाय व चंद्रभानु सिंह के साथ मिलकर दिनेश पर फायरिंग की थी। दिनेश की छाती में दो गोली उसने दागी थी। लेकिन दिनेश किसी तरह बच गया था। 

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Posted By: Sachin Mishra

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