जागरण संवाददाता, राउरकेला : लहुणीपाड़ा क्षेत्र में दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पोक्सो कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए छह साल की सजा एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सितंबर 2015 में पीड़िता को अकेला पाकर आरोपित ने घटना को अंजाम दिया था। अदालत ने पीड़िता को पांच लाख रुपये अनुकंपा राशि देने का निर्देश भी जिला कानून सेवा प्राधिकरण को दिया है।

लहुणीपाड़ा थाना क्षेत्र में 22 सितंबर 2015 की शाम करीब चार बजे 12 वर्षीय पीड़िता अपने घर अकेली थी। वह मूक बधिर होने के कारण कुछ बोल नहीं पाती है। उसे अकेला पाकर रइकेलापोष गांव निवासी अनिल कुमार महंतो ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस इसकी जांच कर रही थी। यह मामला सुंदरगढ़ पोक्सो अदालत में पहुंचा। इसकी सुनवाई करते हुए शनिवार को आरोपित अनिल को दोषी करार दिया गया तथा छह साल के कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। यह राशि नहीं देने पर सजा की अवधि अतिरिक्त होगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पीड़िता को कानून सेवा प्राधिकरण से पांच लाख रुपये अनुकंपा राशि भी प्रदान करने का निर्देश दिया है। दिव्यांग युवती से छेड़छाड़ मामले में आरोपित गया जेल : संबलपुर के अईंठापाली थाना क्षेत्र में सपरिवार रहने वाली दिव्यांग युवती से उसके घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार संतोष मिश्र को शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

शुक्रवार के अपरान्ह जब दिव्यांग युवती अपने घर में अकेली थी तभी संतोष मिश्र उसके घर में घुसा और छेड़छाड़ करने लगा। अपनी इज्जत बचाने के लिए दिव्यांग युवती शोर मचाने लगी तब परिवार के लोग वहां पर पहुंचे और संतोष को पकड़ लिया। इसके बाद अईंठापाली थाना को सूचित किया गया। पुलिस की पीसीआर वैन पहुंची और संतोष को हिरासत में लेकर थाने लौट गई। इस शर्मनाक घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित और आरोपित संतोष मिश्र से पूछताछ करने के बाद संतोष के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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