जागरण संवाददाता, राउरकेला :

राउरकेला नगर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाली ब्राह्मणी नदी पर निर्माणाधीन दूसरे पुल के लिए इंतजार और लंबा होने वाला है। वर्षों से लंबित इस पुल के निर्माण में कोई न कोई बाधा खड़ी होकर इसमें विलंब उत्पन्न करती आ रही है। गत वर्ष पुल के दोनों ओर सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम समाप्त होने के बाद इस वर्ष के अंत तक पुल निर्माण के पूरा होने की थोड़ी उम्मीद जगी थी। तो अब अप्रत्याशित कोरोना महामारी ने फिर उसमें नई बाधा उत्पन्न कर दी है। मार्च महीने में कोरोना के दस्तक देने और फलस्वरूप लॉकडाउन की वजह से निर्माण कार्य ठप हो गया। पिछले माह से लॉकडाउन में ढिलाई के बाद काम शुरू तो हुआ है पर मजदूरों की संख्या कम होने से काम पूरी गति से नहीं हो पा रहा है। अब मानसून के आ जाने से नदी की सतह पर काम करना मुश्किल हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग, राउरकेला क्षेत्र के परियोजना निर्देशक सौरभ चौरसिया ने कहा कि अब लोगों को पुल निर्माण के लिए अगले साल जून महीने तक प्रतीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अक्टूबर माह से काम तेज गति से आरंभ कर दिया गया था। इस छह लेन वाले पुल के लिए बीस पिलर खड़े किए जाने हैं। हम मानसून से पहले नदी की सतह पर सभी पिलर को खड़ा कर देना चाहते थे। कोरोना के कारण कम संख्या में श्रमिकों के बावजूद हमने 17 पिलर का काम कर लिया है। अब तीन पिलर बाकी है। शंख नदी पर बन रहे पुल के काम में भी होगी देरी

कुआंरमुंडा को जोड़ने वाले शंख नदी पर भी दूसरा पुल बनाया जाना है। शंख नदी पर पुल के लिए 64 पाइलिंग काम होना है। इसमें 51 पाइलिग काम हो चुका है। अब मानसून और श्रमिकों की अपर्याप्त संख्या हमारे लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इसे देखते हुए पुल निर्माण का काम समाप्त होते लगभग और एक वर्ष लग जाएगा।

एनएच 143 के 123 किमी मार्ग को बनना है फोर लेन

बीरमित्रपुर व बारकोट के बीच 126 किमी 143 नंबर राजमार्ग को चार लेन में तब्दील करना है। उस मार्ग पर चार पुल भी बनने हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है ब्राह्मणी पुल। साठ साल पहले इसपर वर्तमान पुल का निर्माण किया गया था जो अब जर्जर हालत में आ चुका है। अत: नदी पर दूसरे पुल की मांग पिछले दो दशक से की जा रही है। 2013 में गेमन निर्माण संस्था को ठेका दिया भी गया पर राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण नहीं दिए जाने पर उस संस्था ने काम छोड़ दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने शीघ्र पुल निर्माण का दिया था आश्वासन

नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में एक अप्रैल 2015 को राउरकेला आने पर लोगों को शीघ्र पुल निर्माण का आश्वासन दिया था। 21 जुलाई, 2017 को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने पुल का शिलान्यास करते हुए 15 दिन में काम शुरू करने की घोषणा की थी। पर इस बार भी मामला भूमि अधिग्रहण के पचड़े में उलझ गया। अंतत: 23 मई 2018 को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने काम शुरू करने की निर्धारित तिथि की घोषणा की, पर इसके बावजूद किसी न किसी वजह से काम शुरू होने में व्यवधान उत्पन्न होता रहा।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस