राउरकेला, जेएनएन। कांसबहाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट फार प्रोडक्शन मैनेजमेंट (आइआइपीएम) के निदेशक के इस्तीफे एवं राजनीतिक दल से जुड़े लोगों के संस्थान में प्रवेश नहीं करने की मांग को लेकर मंगलवार को विद्यार्थियों ने पहले संस्थान के मुख्य फाटक पर धरना दिया फिर बीजू हाईवे पर जाकर आवागमन ठप कर दिया। इससे राजगांगपुर व वेदव्यास के बीच वाहनों की लंबी कतार लग गई।

आइआइपीएम के विद्यार्थियों ने निदेशक निरंजन नायक पर रिस्टिकेट कर भविष्य बर्बाद करने की धमकी देने, राजनीतिक दल से जुड़े लोगों को संस्थान में लाने एवं उनके द्वारा विद्यार्थियों को गंभीर परिणाम की चेतावनी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में जिलापाल से शिकायत करने के बावजूद पहल नहीं होने पर मंगलवार की सुबह साढ़े दस बजे से विद्यार्थी कांसबहाल स्थित संस्थान के समक्ष धरना पर बैठे। उन्होंने निदेशक के इस्तीफे एवं विधायक मंगला किसान व जीतू दास के संस्थान में प्रवेश पर रोक लगाने के लिए नारेबाजी की। उनकी मांगें नहीं सुने जाने पर विद्यार्थियों ने सुबह 11 बजे से आधे घंटे तक बीजू हाईवे को जाम किया।

पुलिस की ओर से जिलापाल के आ कर बातचीत करने की बात कहे जाने पर विद्यार्थी सड़क से हट गए थे। पर शाम पांच बजे तक जिलापाल के नहीं पहुंचने पर विद्यार्थी फिर से सड़क पर उतर गए और आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया गया। छात्र जिलापाल के मौके पर आने और तत्काल निदेशक को हटाने की मांग पर अड़े रहे। सड़क पर दो सौ से अधिक विद्यार्थियों के सड़क पर उतरने व स्थिति तनावपूर्ण होने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सड़क पर धरना देने से वेदव्यास-संबलपुर बीजू हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।  

सरकार की ओर से आइआइपीएम की प्रबंधन कमेटी को भंग कर एक व्यक्ति को ही पूरा दायित्व दिया गया। इसके बाद कमेटी में शामिल राजनीतिक दल से जुड़े लोग विद्यार्थियों को उकसा रहे हैं व अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें संस्थान के कुछ प्राध्यापकों का भी हाथ है।

- निरंजन नायक, निदेशक आइआइपीएम।