जागरण संवाददाता, राउरकेला : उग्र भीड़ के सामने पुलिस के नतमस्तक होने के बाद राउरकेला कंटेनमेंट जोन पूरी तरह से मजाक का पात्र बनकर रह गया है। भले यहां कंटेनमेंट जोन लागू है, लेकिन पुलिस की गतिविधि इसे बरकरार रखने नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को कंटेनमेंट जोन हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा उग्र प्रदर्शन करते हुए पत्थरबाजी व आगजनी की घटना को अंजाम देने के बाद से यह स्थिति देखी जा रही है। उग्र प्रदर्शन का नतीजा क्या निकला, यह तो साफ नहीं हो पाया है। लेकिन यह साफ है कि कंटेनमेंट जोन के लोगों पर सख्ती पूरी तरह से हटा ली गई है। भीड़ के सामने पुलिस के नतमस्तक होने के बाद से क्षेत्र का महौल पूरी तरह से बदल गया है। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक के बाद स्थानीय लोगों ने खुद से ही कंटेनमेंट जोन में कई जगह पर बैरिकेड लगा लिया है। लेकिन आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी नहीं रह गई है। ऐसे में कंटेनमेंट जोन का औचित्य ही समाप्त होता दिख रहा है। घटना के तीसरे दिन गुरुवार को कुछ जगह पर पुलिस को तैनात किया गया लेकिन ड्यूटी खानापूíत ही नजर आई। इस कारण लोगों में चर्चा आम रही कि ऐसे कंटेनमेंट जोन का क्या फायदा। या तो कड़ाई से इसका पालन हो या फिर इलाके के लोगों को इससे पूरी तरह से मुक्त कर दिया जाए।

24 घंटे मे एक-एक इलाके को कंटेनमेंट जोन से मिलेगी मुक्ति

प्रशासन के साथ हुई बैठक में शामिल कांग्रेस नेता एजाज अहमद ने बताया कि प्रशासन ने कहा है कि मेन रोड में दाहिनी ओर जनता निवास गली, दीनानाथ गली, उर्दू स्कूल गली, नाला रोड, सिंह बिल्डिग गली, आनंद भवन लेन, आरडीए बिल्डिग, आजाद मोहल्ला, कुरैशी मोहल्ला, तेलीपाड़ा, हसनपुर, महताब रोड, नूर मस्जिद गली आदि अंचल में कंटेनमेंट जोन शामिल है। इनमें से एक-एक इलाके को प्रति 24 घंटे में पाबंदियों से मुक्त किया जाएगा। हालांकि इससे पूर्व उस अंचल के लोगों का स्वाब नमूना टेस्ट किया जाएगा। अगर जांच में कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है। तो उसके घर से 50 मीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन रखा जाएगा। शेष इलाके को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया जाएगा।

कंटेनमेंट जोन का सख्ती से पालन कराना पुलिस का काम

इधर, राउरकेला महानगर निगम प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि कंटेनमेंट का दायरा तय करना, इलाके को सैनिटाइज करना तथा लोगों के स्वाब की जांच करना हमारा काम है। कंटेनमेंट जोन की बंदिशे लागू करना पुलिस प्रशासन का काम है। अगर कंटेनमेंट जोन में बंदिशों का पालन नहीं हो रहा है तो इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। वही इस मामले को लपकते हुए भाजपा ने इसे राज्य में सत्तासीन सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाने में जुट गई है।

Posted By: Jagran

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