जागरण संवाददाता, राउरकेला : बंडामुंडा से राउरकेला तक फोरलेन तथा राउरकेला से झारसुगुड़ा तक रेल थर्डलाइन में जमीन अतिक्रमण व अधिग्रहण को लेकर शुक्रवार को एडीएम कार्यालय में आयोजित वार्ता बेनतीजा रही। विधायक प्रतिनिधि प्रवीण गर्ग की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्देशानुसार पहले पुनर्वास करने इसके बाद जगह खाली करने की मांग रखने से फिलहाल कोई समाधान नहीं निकल सका।

रेलवे थर्डलाइन के लिए एडीएम कार्यालय में हुई बैठक में फोर्थ लाइन एवं थर्ड लाइन निर्माण के लिए रेलवे की जमीन खाली करने के मुद्दे पर चर्चा होनी थी। रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण 1958 में करने तथा तब मुआवजा एवं अन्य सुविधा दे चुके होने का तर्क दिया गया पर इसके दस्तावेज अधिकारी पेश नहीं कर सके। विस्थापितों की ओर से तर्क दिया गया कि रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण के समय प्रभावित परिवारों को नौकरी तथा पांच एकड़ कृषि जमीन देने की बात कही गई थी जो नहीं दिया गया। रेलवे की ओर से लीज व एग्रीमेंट पेपर भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। दूसरी ओर रेलवे से विस्थापित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में स्थानीय केंद्रीय संस्था को पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए पर यह भी संभव नहीं हो पाया है। एडीएम अबोली सुनील नरवाने, एसपी के. सुदर्शन चक्रवर्ती, आरएमसी के आयुक्त दिव्यज्योति परिडा, उपजिलापाल विश्वजीत महापात्र, विधायक प्रतिनिधि प्रवीण गर्ग समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में रेल अधिकारियों को दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया पर उन्होंने फिलहाल असमर्थता जताए जाने के कारण कोई नतीजा नहीं निकल सका।

Posted By: Jagran

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