जागरण संवाददाता, राउरकेला: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के पाश्वांचल विकास संस्थान में दो दिवसीय मशरूम खेती का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उप महा प्रबंधक (सीएसआर) डी प्रधान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुआरमुंडा ब्लाक के डुमेरजोर गांव और बिसरा ब्लाक के झीरपानी पुनर्वास कालोनी के कुल 15 लोगों ने भाग लिया। सत्रों में व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ-साथ ढींगरी छत्तू की खेती प्रक्रिया पर सैद्धांतिक जानकारी शामिल थी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूरा होने के बाद प्रशिक्षार्थियों को मशरूम के बीज की एक बोतल दी गई ताकि वे अपने-अपने स्थानों पर छत्तू की खेती कर सकें और दूसरों को इसके लिए प्रेरित कर सकें। प्रशिक्षण सीएसआर. विभाग के मास्टर ट्रेनर तिंतुस भेंगरा और बेनेडिक्ट एक्का द्वारा प्रदान किया गया। संचालन बेनेडिक्ट एक्का ने किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वन विभाग का अड़ंगा : बणई अनुमंडल के गुरुंडिया ब्लाक अंतर्गत सोल पंचायत के कंटामुंडा-पिपिलाकानी गांव में सड़क निर्माण कार्य रोकने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यहां एनबीसीसी के द्वारा 12 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। वन विभाग की ओर से इसके समाधान का भरोसा दिया गया है। वन क्षेत्र में स्थित गांवों तक आने जाने के लिए सड़क नहीं है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में इसके लिए राशि स्वीकृत होने के बाद काम शुरू हुआ है। वन विभाग की ओर से विभागीय जमीन पर निर्माण कार्य रोके जाने से ग्रामीणों में भारी असंतोष था। इसे लेकर कंटामुंडा गांव में बैठक हुई। यहां रेंजर मनोज कुमार पात्र का घेराव किया गया। वन विभाग की ओर से सात दिनों के अंदर समस्या का समाधान कर काम शुरू कराने का भरोसा दिया गया इसके बाद लोग शांत हुए। बैठक में पतरास एक्का, सोल सरपंच दिव्या टेटे, नायब सरपंच प्रेमानंद साहू, दाउद कुजूर, फारेस्टर मनोरंजन महंती, भुवनेश्वर राय आदि लोग शामिल थे।

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