जागरण संवाददाता, राउरकेला : राउरकेला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), राउरकेला के मेटार्लिजकल और मैटरियल इंजीनिय¨रग विभाग की तरफ से सामग्री के प्रसंस्करण और महत्ता पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आइआइटी भुवनेश्वर के प्रोफेशनल फेलो प्रो. सुनिल कुमार षंडगी ने इसका उद्घाटन किया व सफलता की कामना की।

कार्यशाला के अन्य अतिथि तथा आइआइटी खड़गपुर के प्रोफेसर गौर गोपाल राय ने कहा कि एनआइटी राउरकेला में काफी कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खास कर शोध के क्षेत्र में एनआइटी राउरकेला ने मिल का पत्थर स्थापित किया है। ऐसे वक्त में मैटरियल इंजीनिय¨रग पर कार्यशाला का आयोजन करना बहुत ही अहम है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर समरजीत सरकार ने कहा कि इस कार्यशाला के आयोजन की प्रक्रिया 2011 से शुरू हुई थी। बहुत लोगों की कड़ी मेहनत इसमें शामिल है और यह आठवां कार्यशाला है। इसके लिए पूरी टीम बधाई का पात्र है। एनआइटी के डीन शिक्षक कल्याण प्रो. बीसी राय ने कहा कि एनआइटी राउरकेला में हम शोध पर ज्यादा जोर देते हैं। शोध संबंधित पत्रों के प्रकाशन में हम किसी आइआइटी से पीछे नहीं। इस तरह के कार्यशालाओं से शोध और प्रकाशन को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम की संयोजक प्रो. अर्चना मल्लिक ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला एक दिन में संभव नहीं हुए, बल्कि इसमें सालों की मेहनत है। इस तीन दिवसीय कार्यशाला 13 प्रसंगों पर 11 तकनीकी सत्रों के आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने देश-विदेश से आए विभिन्नों प्रतिभागियों को यहां से कुछ सिखने को मिलने की आशा प्रकट की। कार्यक्रम के अंत में प्रो. अंशुमान पात्र ने सभी का आभार व्यक्त किया । इसमें प्रोफेसर राजेश कुमार पृष्टि भी शामिल थे।

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