जागरण संवाददाता, राउरकेला : उत्कलमणि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल सेक्टर-21 में बुधवार को कोरोना महामारी के बीच बेहतर जीवन विषयक सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा से विभिन्न महामारी के इलाज तथा इसका उन्मूलन संभव हुआ है। कोरोना के इलाज में भी दवा कारगर साबित हुई है। इससे बचाव के लिए जो दवा दी जा रही है उससे रोग निरोधक क्षमता बढ़ रही है।

डॉ. मिश्रा ने कहा मानव सभ्यता में कई ऐसे दौर आए हैं जब महामारी का सामना करना पड़ा है। सदियों से विभिन्न चिकित्सा पद्धति से रोगों का इलाज होता रहा है पर होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का आविष्कार एवं नई खोज के बाद यह दवा फ्लेग, हैजा, चेचक समेत अन्य महामारी का इलाज संभव हुआ है एवं 99 फीसद लोग इससे ठीक भी हुए हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति से लोगों का इलाज किया जा रहा है एवं लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इतना ही नहीं रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक दवा दी जा रही है लोग इसका सेवन कर सुरक्षित हैं।

कॉलेज के प्रिसिपल डॉ. रत्नाकर पंडा ने कोरोना रोग की रोकथाम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस का मुकाबला हम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में नए वायरस का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए चिकित्सा क्षेत्र में नित नई खोज हो रही है तथा दवा तैयार की जा रही है। होम्योपैथी में इस तरह की गंभीर परिस्थिति में भी मरीजों का इलाज किया जा सकता है। प्राध्यापिका डॉ. सागरिका नायक ने भी कोरोना से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला तथा सरकार की गाइडलाइन का पालन करने का अनुरोध किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों को रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने की दवा का वितरण किया गया।

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