जागरण संवाददाता, राउरकेला : राष्ट्रीय राजमार्ग-143 के चौड़ीकरण से देवगांव बस्ती के डेढ़ सौ से अधिक परिवार बेघर होंगे। विभिन्न संगठनों के विरोध के कारण जिलापाल निखिल पवन कल्याण ने शनिवार को गांधी कॉलेज देवगांव में स्थानीय लोगों से बातचीत की तथा कम से कम जमीन लेने तथा प्रभावित लोगों का पुनर्वास का भरोसा दिया। वहीं, बस्ती वासिदा महासंघ ने पहले पुनर्वास फिर विस्थापन की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों को दो सप्ताह के अंदर जमीन खाली करने का निर्देश दिए जाने से हड़कंप मचा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण होने से देवगांव में वर्षों से रह रहे परिवार के लोगों को जगह खाली करना होगा। सरकार की ओर से पट्टा जमीन का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है जबकि कब्जे वाली जमीन में रहने वालों को केवल दस फीसद ही मुआवजा देने की घोषणा की गई है। अजय शर्मा की अगुवाई में बस्ती वासिदा महासंघ की ओर प्रदर्शन किया गया एवं पहले पुनर्वास फिर विस्थापन, भूमिहीनों को जमीन का पट्टा देने, राज्य सरकार की घोषणा का पालन करने की मांग की।

पूर्व नगरपाल निहार राय ने देवगांव बस्ती साइड के बजाय आरएसपी साइड से अधिक जमीन लेने से कम परिवारों के क्षतिग्रस्त होने का सुझाव दिया। उन्होंने संप्रसारण के लिए कम से कम जमीन लेने तथा विस्थापित परिवार के सदस्यों को जमीन मुहैया कराने की मांग की। इसमें उपजिलापाल विश्वजीत महापात्र, एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया आदि लोग शामिल थे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप