जागरण संवाददाता, राउरकेला : दो नाबालिग बच्चियों को दिल्ली भेजने के मामले में आरोपित महिला को जीआरपी ने छोड़ दिया। पीड़ित बच्चियों के परिजनों द्वारा इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराने के कारण जीआरपी को यह कदम उठाना पड़ा। उधर, दोनों बच्चियां अभी भी चाइल्ड लाइन में है। जरूरी प्रक्रिया पूरा होने के बाद दोनों को परिजनों के हवाले किया जाएगा।

झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत जलडेगा थाना क्षेत्र की दो नाबालिग बच्चियों को उसी जिले के ठेठेईटांगर थाना अंतर्गत जामपानी के आकवानटोली निवासी 45 वर्षीय शालू लुगून नौकरी का लालच देकर 12 जनवरी को राउरकेला स्टेशन से उत्कल एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली ले जाने वाली थी। लेकिन इस दौरान राउरकेला स्टेशन के टीटीआइ संतोष कुमार ने बरामद कर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। वहीं, चाइल्ड लाइन की दो महिला कर्मचारियों ने महिला दलाल शालू लुगून को पकड़ कर राउरकेला जीआरपी को सौंप दिया था। जीआरपी ने बताया कि इस मामले में बच्चियों परिजन ने आरोपित महिला के खिलाफ शिकायत करने से मना कर दिया था। जिसके कारण जीआरपी ने शालू से बांड भरवाकर उसे छोड़ दिया।

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