जागरण संवाददाता, बड़गांव :

सुंदरगढ़ जिले में गौ तस्करी धड़ल्ले से जारी है। तस्करों के द्वारा पशु उत्पीड़न कानून का उल्लंघन किया जा रहा है पर पुलिस व प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। गौ वंश को राज्य राजपथ दस से होकर भूखे-प्यासे बगैर आराम के दिन-रात पैदल चलने को विवश किया जा रहा है। बीमार व असहाय गौ को तब तक पीट कर चलाया जाता है जब तक वे जमीन पर न गिर जायें।

सुंदरगढ़ जिले के सर्गीपाली, संबलपुर जिले के झरियापाली एवं छत्तीसगढ़ के हांडीपानी में हर सप्ताह पशु बाजार लगता है। तस्तर बाजार से गाय, बैल व बछड़ों को खरीदकर सड़क मार्ग से पैदल ओड़िशा के सुंदरगढ़ जिले के खतकुलबहाल, बिसरा गुलगुलजोर, नुआगांव, कातेपुर, होकर आनंदपुर होकर झारखंड के चक्रधरपुर, चाइबासा, टोलको आदि इलाके में मांस के लिए भेजते हैं। पक्की सड़क पर लंबी दूरी तक तय करने से गाय व बैलों के खुर घिस जाते हैं एवं लहूलुहान हो जाते हैं। घायल व बीमार गाय व बैलों को लाठी डंडे से पीट पीट कर तब तक चलाया जाता है जब तक वे जमीन पर न गिर जायें। तस्तर इसके लिए मजदूरों की मदद लेते हैं। घायल बैलों के नहीं चल पाने पर उन्हें यूं ही रास्ते में छोड़ दिया जाता है जिनकी भूखे प्यासे मौत हो जाती है। भूखे प्यासे गौ वंश को पैदल चलाया जाता है। पशुओं की सुरक्षा के लिए पशु उत्पीड़न कानून भी बना है पर यहां इसका खुला उल्लंघन हो रहा है। बड़गांव वासियों की ओर से सांसद जुएल ओराम, विधायक प्रफुल्ल माझी, जिलापाल सुंदरगढ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से बार बार इसकी मौखिक व लिखित शिकायत के बावजूद कानून का पालन नहीं किया जा रहा है।