जागरण संवाददाता, राउरकेला: सुंदरगढ़ जिले के नुआगांव क्षेत्र के रहने वाले आठ युवक तमिलनाडु के उरुडू अंचल में बंधक बना लिए गए हैं। उनसे बिना वेतन के काम कराने और मारपीट करने के साथ भोजन नहीं देने की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजनों ने जिला श्रम अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर मुक्ति की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि झारखंड के धनबाद निवासी एक दलाल अशोक के कहने पर नुआगांव व बिसरा के 11 युवक काम की तलाश में तमिलनाडु गए थे। उनसे दस हजार रुपये मासिक वेतन एवं भोजन के साथ आवास का अलग से प्रबंध करने की बात कही गई थी। वहां पहुंचने पर युवकों को नलकूप खनन करने वाली मशीन के साथ पर लगाया गया। जबकि बबलू बड़ाइक व कालीचरण बड़ाइक को मोटर गैरेज में काम मिला। अशोक ने उन्हें संयंत्र में काम दिलाने की बात कही थी। इसके बाद बिना भोजन दिए 12 से 16 घंटे तक काम कराने पर जब युवकों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। ऐसे में उनमें से तीन युवक किसी तरह भागकर घर लौट आए। जबकि आठ युवक अब भी बंधक बनाकर रखे गए हैं। उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं होने की सूचना मिलने पर परिवार के लोग भाजपा की नेता प्रमिला दास के साथ परिवार के लोग श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे और इस मामले की शिकायत की। साथ ही सभी युवकों की रिहायी की गुहार लगाई।

Posted By: Jagran

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