राउरकेला, जेएनएन। पश्चिम ओडिशा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर विधायक दिलीप राय द्वारा सोमवार को विधानसभा में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए सरकार आयोग पर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक रुपये खर्च कर चुकी है। आयोग की रिपोर्ट सरकार के पास चार साल से लंबित है। पश्चिम ओडिशा में इसके लिए चल रहे आंदोलन के मद्देनजर सरकार गंभीर है।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पश्चिम ओडिशा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए आम जनता एवं बार एसोसिएशन की ओर से आंदोलन को गंभीरता से लेकर राज्य सरकार की ओर से अवकाश प्राप्त न्यायाधीश चितरंजन पाल की अध्यक्षता में मार्च 2008 में जांच आयोग का गठन किया गया। आयोग की ओर से 2014 में रिपोर्ट दाखिल किया गया जो सरकार के पास विचाराधीन है। इसमें 1,52,58,722 रुपये खर्च किए गए हैं। पश्चिम एवं दक्षिण ओडिशा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए राज्य सरकार का प्रयास जारी होने की बात मुख्यमंत्री ने कही। विधायक दिलीप राय ने इस पर कहा है कि पश्चिम और दक्षिण ओडिशा में कब तक हाईकोर्ट बेंच की स्थापित होगी इस संबंध में सरकार की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। दूसरी ओर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बार एसोसिएशन की ओर से इसके लिए आंदोलन किया जा रहा है।

राज्य एवं केंद्र सरकार की प्रचलित व्यवस्था के अनुसार राज्यों में एक से अधिक हाईकोर्ट बेंच स्थापित किए गए हैं इस कारण पश्चिम ओडिशा में बैंच की स्थापना होनी चाहिए। हाईकोर्ट बैंच पर जस्टिस पाल आयोग के द्वारा रिपोर्ट देने में छह साल लगाने एवं इसके बाद सरकार के पास चार साल से यह रिपोर्ट लंबित होने पर विधायक राय ने क्षोभ प्रकट किया। आयोग गठन करने में राज्य वासियों टैक्स की कितनी राशि खर्च की गई है इसे सार्वजनिक करने की मांग उन्होंने की है।