जागरण संवाददाता, राउरकेला : कांसबहाल स्थित राज्य कर्मचारी बीमा निगम अस्पताल (ईएसआइ) के एंबुलेंस चालक से ईपीएफ प्रोसेस करने के लिए एक हजार रुपये रिश्वत लेते सीनियर क्लर्क को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया। विभाग की ओर से उसकी अन्य संपत्ति के संबंध में भी छानबीन कर रही है।

कांसबहाल ईएसआइ अस्पताल के एंबुलेंस चालक बैरागी बेहरा को दो लाख रुपये के लिए ईपीएफ प्रोसेस करना था। उसने इसके लिए 26 सितंबर को आवेदन दिया था। अस्पताल का सीनियर क्लर्क विष्णुचरण मल्लिक ने उससे एक हजार रुपये रिश्वत मांगे थे। अनुरोध के बावजूद काम नहीं करने पर बैरागी ने विजिलेंस कार्यालय से संपर्क किया। मंगलवार को जाल में फंसाने की योजना बनायी गयी। सुबह 11.35 बजे विजिलेंस डीएसपी दाशरथी सेठी, इंस्पेक्टर रीतांजलि प्रधान, तुषारकांत महापात्र, सुंदरगढ़ इंस्पेक्टर सुधांशुशेखर पुजारी केमिकल लगे रुपये लेकर कासंबहाल ईएसआइ अस्पताल पहुंचे जहां एंबुलेंस चालक बैरागी बेहरा को एक हजार रुपये दिया गया। रिश्वत की राशि लेकर उसने सीनियर क्लर्क विष्णु चरण मल्लिक को दिए। उसने रुपये अपनी शर्ट के पाकेट में रखा ही था तभी विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर राउरकेला के ईएसआइ अस्पताल कॉलोनी स्थित आवास पर लाकर यहां विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों की छानबीन कर आय से अधिक संपत्ति के बारे में जांच की गयी। बाद में उसे विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया।

Posted By: Jagran

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